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Jhansi News: बुजुर्ग को मृत दर्शाकर बंद कर दी पेंशन, परेशान वृद्ध ने जिलाधिकारी से की शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
टहरौली। चिरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत वारी बुजुर्ग के मजरा खिल्ला निवासी 73 वर्षीय कांशीराम को समाज कल्याण विभाग की एक बड़ी लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विभाग ने उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाकर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी, जबकि वह जीवित हैं। पेंशन बंद होने के बाद से वह अपनी पत्नी के साथ आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
कांशीराम ने जिलाधिकारी गौरांग राठी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह पत्नी सुमन कुमारी के साथ गांव में रहते हैं। उनके दोनों पुत्र अलग रहकर मजदूरी करते हैं। कृषि भूमि ऊबड़-खाबड़ होने तथा नीलगायों से फसलों को नुकसान पहुंचने के कारण वह वृद्धावस्था पेंशन पर ही निर्भर थे। उन्हें समाज कल्याण विभाग से प्रतिमाह एक हजार रुपये की पेंशन मिलती थी, जिससे दवा और दैनिक खर्च का प्रबंध हो जाता था।
उन्होंने बताया कि वह सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। करीब आठ वर्षों से मिल रही पेंशन को विभाग ने छह मई 2025 को उन्हें मृत दर्शाकर बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों, तहसील समाधान दिवस, मुख्यमंत्री पोर्टल और समाज कल्याण विभाग लखनऊ तक कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने जिलाधिकारी से बंद पड़ी पेंशन को पुनः शुरू कराने और बकाया धनराशि दिलाने की मांग की है।
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टहरौली। चिरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत वारी बुजुर्ग के मजरा खिल्ला निवासी 73 वर्षीय कांशीराम को समाज कल्याण विभाग की एक बड़ी लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विभाग ने उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाकर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी, जबकि वह जीवित हैं। पेंशन बंद होने के बाद से वह अपनी पत्नी के साथ आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
कांशीराम ने जिलाधिकारी गौरांग राठी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह पत्नी सुमन कुमारी के साथ गांव में रहते हैं। उनके दोनों पुत्र अलग रहकर मजदूरी करते हैं। कृषि भूमि ऊबड़-खाबड़ होने तथा नीलगायों से फसलों को नुकसान पहुंचने के कारण वह वृद्धावस्था पेंशन पर ही निर्भर थे। उन्हें समाज कल्याण विभाग से प्रतिमाह एक हजार रुपये की पेंशन मिलती थी, जिससे दवा और दैनिक खर्च का प्रबंध हो जाता था।
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उन्होंने बताया कि वह सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। करीब आठ वर्षों से मिल रही पेंशन को विभाग ने छह मई 2025 को उन्हें मृत दर्शाकर बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों, तहसील समाधान दिवस, मुख्यमंत्री पोर्टल और समाज कल्याण विभाग लखनऊ तक कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने जिलाधिकारी से बंद पड़ी पेंशन को पुनः शुरू कराने और बकाया धनराशि दिलाने की मांग की है।
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