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वेतन आयोग की सिफारिशों से रेल कर्मचारी नाखुश
ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2015 01:09 AM IST
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झांसी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाखुश रेल कर्मचारियों में विरोध का स्वर बढ़ता जा रहा है। वेतन आयोग की सिफारिशों में कमियों के चलते कर्मचारी यूनियनें आज विरोध दिवस मनाएंगी।
छठवे वेतन आयोग में कर्मचारी की न्यूनतम आय सात हजार व केबिनेट सेक्रेटरी (सबसे बड़े अधिकारी) की आय 90 हजार रुपये रखी गई थी। सातवें वेतन आयोग में कर्मचारी की न्यूनतम 18 हजार व केबिनेट सेक्रेटरी की 2.14 लाख रुपये की सिफारिश की गई हैं। कर्मचारी इस अंतर से नाखुश हैं।
वह न्यूनतम आय 26 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इसी तरह हाउस रेंट की कटौती ने भी कर्मचारियों को परेशान कर रखा है। अभी रेलवे छोटे शहर के कर्मियों को वेतन का दस प्रतिशत, मध्यम के बीस प्रतिशत व महानगरों के कर्मचारी को 30 प्रतिशत हाउस रेंट देता है। मगर सातवें वेतन आयोग में हाउस रेंट को घटाकर क्रमश: 8,16,24 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है।
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इसके अलावा रेलवे अभी एमएसीपी (आर्थिक प्रोन्नति) सेवाकाल में तीन बार देता है, जबकि संगठन पांच बार देने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं सातवें वेतन आयोग कमेटी ने आर्थिक प्रोन्नति भी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही देने की सिफारिश की है, जो कर्मचारी संगठनों को मंजूर नहीं हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में न्यू पेंशन स्कीम को भी यथावत रखा गया है, जबकि कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे हैं। इन्हीं सभी कारणों के चलते नार्थ सेंट्रल इंप्लाइज संघ, नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन समेत सभी संगठन 27 नवंबर को विरोध दिवस मनाएंगे।
इस दौरान कर्मचारी संगठन काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में नार्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन के संयुक्त महामंत्री आर पी सोनी ने बताया कि 25 नवंबर को इलाहाबाद में विरोध दिवस की रणनीति बनाई गई।
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छठवे वेतन आयोग में कर्मचारी की न्यूनतम आय सात हजार व केबिनेट सेक्रेटरी (सबसे बड़े अधिकारी) की आय 90 हजार रुपये रखी गई थी। सातवें वेतन आयोग में कर्मचारी की न्यूनतम 18 हजार व केबिनेट सेक्रेटरी की 2.14 लाख रुपये की सिफारिश की गई हैं। कर्मचारी इस अंतर से नाखुश हैं।
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वह न्यूनतम आय 26 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इसी तरह हाउस रेंट की कटौती ने भी कर्मचारियों को परेशान कर रखा है। अभी रेलवे छोटे शहर के कर्मियों को वेतन का दस प्रतिशत, मध्यम के बीस प्रतिशत व महानगरों के कर्मचारी को 30 प्रतिशत हाउस रेंट देता है। मगर सातवें वेतन आयोग में हाउस रेंट को घटाकर क्रमश: 8,16,24 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है।
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इसके अलावा रेलवे अभी एमएसीपी (आर्थिक प्रोन्नति) सेवाकाल में तीन बार देता है, जबकि संगठन पांच बार देने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं सातवें वेतन आयोग कमेटी ने आर्थिक प्रोन्नति भी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही देने की सिफारिश की है, जो कर्मचारी संगठनों को मंजूर नहीं हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में न्यू पेंशन स्कीम को भी यथावत रखा गया है, जबकि कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे हैं। इन्हीं सभी कारणों के चलते नार्थ सेंट्रल इंप्लाइज संघ, नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन समेत सभी संगठन 27 नवंबर को विरोध दिवस मनाएंगे।
इस दौरान कर्मचारी संगठन काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में नार्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन के संयुक्त महामंत्री आर पी सोनी ने बताया कि 25 नवंबर को इलाहाबाद में विरोध दिवस की रणनीति बनाई गई।