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साल भर से थमा हुआ अंडर ब्रिज का काम

Sun, 17 Jul 2016 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 17 Jul 2016 02:11 AM IST
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 Paused for a year under the bridge
overbirj, jhansi news - फोटो : demo
झांसी। आईटीआई रेलवे क्रॉसिंग पर पिछले दो साल से अंडर ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। संबंधित कंपनी ने पटरियों के नीचे डाले जाने वाले ब्रिज बाक्स भी तैयार कर लिए हैं, मगर ब्लाक (कार्य के निश्चित समय में ट्रेनों का संचालन रोकना) न मिलने के कारण काम की गति थमी हुई है। इससे रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाली जाम की समस्या खत्म नहीं हो पा रही है।
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सड़क यातायात की दृष्टि से महानगर में आईटीआई रेलवे क्रॉसिंग बेहद अहम मानी जाती है। यह क्रॉसिंग गेट एक तरफ ग्वालियर रोड मुख्य मार्ग को जोड़ने का काम करती है तो दूसरी तरफ सिद्देश्वर नगर, लहर गिर्द व सीपरी बाजार के लिए जाने का शार्टकट रास्ता माना जाता है। इस कारण चौबीसों घंटे इस क्रॉसिंग से दो पहिया व चार पहिया वाहनों का गुजरना पड़ता है। चूंकि, इस क्रॉसिंग गेट से भोपाल-दिल्ली मुख्य रेल रूट जुड़ा हुआ है।
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क्रॉसिंग से हर दस मिनट में अप और डाउन की एक-एक ट्रेन का अथवा मालगाड़ी का गुजरना बना ही रहता है। इस कारण अधिकांश समय क्रॉसिंग का गेट बंद रहता है। इससे वाहन चालकों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
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वर्ष 2013 में रेलवे बोर्ड ने यहां अंडर ब्रिज बनाने के लिए 3.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। टेंडर आगरा की एक कंपनी को दिया गया है। ढाई साल पहले कंपनी ने अंडर ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया था। पहले तो क्रॉसिंग के निकट जमीन में पत्थर निकलने के कारण उसे तोड़ने में एक साल निकल गया।

इस बीच जमीन से पानी निकलने के कारण उसे सूखाने में समय लग गया। इसके बाद पटरियों के नीचे अप और डाउन सड़क के लिए सीमेंट ब्रिज बाक्स बना लिए गए। अब इन बाक्सों को लाइन के नीचे शिफ्ट होना है। मगर, पिछले एक साल से ब्लाक न मिलने के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। 


‘रेल मंडल में धौलपुर से बीना के मध्य ऐसे ग्यारह रोड अंडर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। सभी जगह इसी तरह ब्लाक लेकर काम होने हैं। चूंकि, बरसात में ऐसे सभी काम बंद हो जाते हैं। इस कारण सितंबर से मार्च के बीच उक्त सभी कामों को एक-एक कर प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा। एक काम को पूरा होने में एक से डेढ़ माह का समय लग जाता है। इस कारण अंडर ब्रिज को बनने में थोड़ा समय लग रहा है।’ 
- एसके अग्रवाल, डीआरएम झांसी
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