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योगी से आस लगाए रोगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:29 AM IST
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मेडिकल कॉलेज
- फोटो : demo
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सूबे के बदले निजाम के बाद अब बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में भी बदलाव की संभावना है। खासतौर पर बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में लोगों को योगी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। मौजूदा समय में बुंदेलखंड में इलाज का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज बजट को तरस रहा है। मरीज इलाज के लिए परेशान है। ऐसे में रोगी योगी सरकार की तरफ आस भरी निगाह से देख रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज को हर साल दवाओं, केमिकल, फिल्मों (एक्सरे और एमआरआई) आदि के लिए तीन करोड़ रुपये मिलते हैं। पांच महीने पहले बजट खत्म हो गया था और तब से हालात खराब हैं। वार्डों, ओपीडी में दवाओं की सप्लाई बंद है। हाल यह है कि पैरासीटामोल तक खत्म हो चुकी है। इमरजेंसी में ही कुछ मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रोजाना मरीज हजारोें रुपये बाहर से दवा खरीदने पर खर्च कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज निजी चिकित्सालय लगने लगा है। पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार के समय शासन को कॉलेज प्रशासन ने पत्र के साथ-साथ कई बार रिमाइंडर भी भेजा। शासन स्तर पर हुई अधिकारियों की बैठक में भी बजट की मांग की। हर बार आश्वासन का ऑक्सीजन मिलता रहा। अब सत्ता परिवर्तन होने के बाद व्यवस्था परिवर्तन की भी उम्मीद जग गई है। मरीज खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोग योगी सरकार में दवाएं और जांचों की सुविधा मिलने की आस लगाए हैं। वहीं, एक्सरे, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड की फिल्में भी खत्म हो चुकी हैं। सरकार के बजट देने के बाद ही इनकी खरीद की जाएगी।
दिखा नई सरकार का असर
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के तौर पर कुर्सी संभालने के बाद स्वास्थ्य महकमे में भी असर दिखने लगा है। शासन ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, कर्मियों को समय से ड्यूटी आने के निर्देश दिए हैं, इस पर कॉलेज ने स्टाफ को इसका हर हाल में पालन करने को कहा है। वहीं, शासन ने कॉलेज से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में पान-मसाला खाने पर अधीनस्थों की योगी द्वारा क्लास लगाने के बाद अस्पताल प्रशासन भी एलर्ट है। सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने कहा कि अस्पताल में जगह-जगह पान-मसाले पर परिसर में प्रतिबंध होने संबंधी नोट चस्पा किया जाएगा।
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कुछ करो सरकार
फंड की कमी न होने दें
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य महकमे में काफी सुधार की उम्मीद है। सरकार मेडिकल कॉलेज में फंड की कमी न होने दे। दवाएं हमेशा उपलब्ध व मशीनें सही रहें, जिससे मरीजों को दूसरी जगह न जाना पड़े।
- लक्ष्मीनारायण शुक्ला, शिवाजी नगर
सुविधाएं बढ़ाने को उठाएगी कदम
उम्मीद है कि सरकार बड़े शहरों की तर्ज पर झांसी मेडिकल कॉलेज में मल्टी स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएगी। सुविधाएं बढ़ने के साथ ही कॉलेज में किसी भी मर्ज की दवा की कमी नहीं होने देगी।
- कादिर अली, शिवाजी नगर
फिर लिखा है पत्र
बुधवार को शासन को पत्र लिखकर दवा और एक्सरे, एमआरआई की फिल्म के लिए बजट की मांग की गई है। सरकार की मंशा अनुसार जल्द ही कॉलेज अधिकारियों, कर्मियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई जाएगी।
- डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य मेडिकल कालेज
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मेडिकल कॉलेज को हर साल दवाओं, केमिकल, फिल्मों (एक्सरे और एमआरआई) आदि के लिए तीन करोड़ रुपये मिलते हैं। पांच महीने पहले बजट खत्म हो गया था और तब से हालात खराब हैं। वार्डों, ओपीडी में दवाओं की सप्लाई बंद है। हाल यह है कि पैरासीटामोल तक खत्म हो चुकी है। इमरजेंसी में ही कुछ मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रोजाना मरीज हजारोें रुपये बाहर से दवा खरीदने पर खर्च कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज निजी चिकित्सालय लगने लगा है। पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार के समय शासन को कॉलेज प्रशासन ने पत्र के साथ-साथ कई बार रिमाइंडर भी भेजा। शासन स्तर पर हुई अधिकारियों की बैठक में भी बजट की मांग की। हर बार आश्वासन का ऑक्सीजन मिलता रहा। अब सत्ता परिवर्तन होने के बाद व्यवस्था परिवर्तन की भी उम्मीद जग गई है। मरीज खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोग योगी सरकार में दवाएं और जांचों की सुविधा मिलने की आस लगाए हैं। वहीं, एक्सरे, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड की फिल्में भी खत्म हो चुकी हैं। सरकार के बजट देने के बाद ही इनकी खरीद की जाएगी।
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दिखा नई सरकार का असर
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के तौर पर कुर्सी संभालने के बाद स्वास्थ्य महकमे में भी असर दिखने लगा है। शासन ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, कर्मियों को समय से ड्यूटी आने के निर्देश दिए हैं, इस पर कॉलेज ने स्टाफ को इसका हर हाल में पालन करने को कहा है। वहीं, शासन ने कॉलेज से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में पान-मसाला खाने पर अधीनस्थों की योगी द्वारा क्लास लगाने के बाद अस्पताल प्रशासन भी एलर्ट है। सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने कहा कि अस्पताल में जगह-जगह पान-मसाले पर परिसर में प्रतिबंध होने संबंधी नोट चस्पा किया जाएगा।
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कुछ करो सरकार
फंड की कमी न होने दें
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य महकमे में काफी सुधार की उम्मीद है। सरकार मेडिकल कॉलेज में फंड की कमी न होने दे। दवाएं हमेशा उपलब्ध व मशीनें सही रहें, जिससे मरीजों को दूसरी जगह न जाना पड़े।
- लक्ष्मीनारायण शुक्ला, शिवाजी नगर
सुविधाएं बढ़ाने को उठाएगी कदम
उम्मीद है कि सरकार बड़े शहरों की तर्ज पर झांसी मेडिकल कॉलेज में मल्टी स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएगी। सुविधाएं बढ़ने के साथ ही कॉलेज में किसी भी मर्ज की दवा की कमी नहीं होने देगी।
- कादिर अली, शिवाजी नगर
फिर लिखा है पत्र
बुधवार को शासन को पत्र लिखकर दवा और एक्सरे, एमआरआई की फिल्म के लिए बजट की मांग की गई है। सरकार की मंशा अनुसार जल्द ही कॉलेज अधिकारियों, कर्मियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई जाएगी।
- डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य मेडिकल कालेज