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Jhansi News: ताले में बंद हैं रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा
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आशीष पटैरिया
मऊरानीपुर। मऊरानीपुर का रेलवे स्टेशन झांसी रेल मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यहां से रोजाना लगभग पांच हजार यात्रियों का आवागमन होता है। बावजूद, इस स्टेशन पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। यात्रियों की सुविधाओं और उनकी सुरक्षा पर यहां ताला जड़ा रहता है। स्टेशन परिसर में गंदगी की भी भरमार बनी रहती है। छुट्टा जानवरों का भी यहां बेरोकटोक आवागमन बना रहता है, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर रोजाना दो दर्जन ट्रेनों का ठहराव होता है। हरपालपुर, महोबा की ओर जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर दो और झांसी की ओर जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर एक पर आती है। इन ट्रेनों से लगभग पांच हजार यात्रियों का आवागमन होता है। त्योहार व शादियों के सीजन में यात्रियों की संख्या और भी बढ़ जाती है। बावजूद, रेल प्रशासन द्वारा इस स्टेशन की अनदेखी की जा रही है। इसका अंदाजा यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखकर लगाया जा सकता है। स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के कोई इंतजाम नहीं हैं। छुट्टा पशु बेरोकटोक स्टेशन परिसर में घूमते रहते हैं, जिससे यहां जगह-जगह गोबर पड़ा रहता है। यात्रियों के लिए प्लेटफार्म नंबर दो पर बनाए गए शौचालय पर ताला लटका रहता है। आरपीएफ के कक्ष पर भी अक्सर ताला ही नजर आता है। ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान की सूचना के लिए स्टेशन पर इलेक्ट्रिक डिस्प्ले तो लगा हुआ है, परंतु उसमें जानकारी दर्शायी नहीं जाती है।प्लेटफार्मों पर लगे पंखे शोपीस साबित हो रहे हैं।
पार्क बना शराबियों का अड्डा
मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के पास पार्क बना हुआ है, लेकिन इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। बल्कि, यह शराबियों का अड्डा बनकर रह गया है। पार्क में जगह-जगह शराब के खाली पाउच पड़े नजर आते हैं। इसके अलावा पार्क में गंदगी की भी भरमार है। वहीं, प्लेटफार्म पर इलेक्ट्रिक सिग्नल केबल डालने के लिए खुदाई की गई थी। यह काम पूरा करने के बाद मलवा प्लेटफार्म पर ही डला छोड़ दिया गया।
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आउटसोर्सिंग पर दो सफाई कर्मचारियों को रखा गया है, जो सुबह-शाम सफाई करते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बने शौचालय के ताले खुले होने पर पास की बस्ती के लोग गंदगी फैलाते हैं व टोटियां तोड़ देते हैं। पंखों को रात के समय चलाया जाता है। जल्दी ही पार्क की साफ सफाई करा दी जाएगी। सिग्नल का कार्य कर रहे ठेकेदार से भी मलवा हटाने के लिए कहा गया है। जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश न कर पाएं, इसके इंतजाम करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - आरजी साहू, स्टेशन प्रबंधक
प्रत्येक अमावस्या पर ट्रेन से चित्रकूट जाते हैं, प्लेटफार्म हर समय गंदगी देखने को मिलती है। गर्मी में भी प्लेटफार्म नंबर दो पर लगे पंखे बंद पड़े हैं। शौचालय में भी ताला लटक रहा है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। - काशीराम पटेल, सरसेड़ा गुरसराय
यात्रियों की भीड़ के हिसाब से स्टेशन पर छाया की व्यवस्था नहीं है। धूप में यात्रियों को यहां-वहां बैठना पड़ता है। दिव्यांग शौचालय में भी ताला लटका रहता है। रेल प्रशासन को यात्री सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। - कोमल अहिरवार, मगरपुर
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मऊरानीपुर। मऊरानीपुर का रेलवे स्टेशन झांसी रेल मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यहां से रोजाना लगभग पांच हजार यात्रियों का आवागमन होता है। बावजूद, इस स्टेशन पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। यात्रियों की सुविधाओं और उनकी सुरक्षा पर यहां ताला जड़ा रहता है। स्टेशन परिसर में गंदगी की भी भरमार बनी रहती है। छुट्टा जानवरों का भी यहां बेरोकटोक आवागमन बना रहता है, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर रोजाना दो दर्जन ट्रेनों का ठहराव होता है। हरपालपुर, महोबा की ओर जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर दो और झांसी की ओर जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर एक पर आती है। इन ट्रेनों से लगभग पांच हजार यात्रियों का आवागमन होता है। त्योहार व शादियों के सीजन में यात्रियों की संख्या और भी बढ़ जाती है। बावजूद, रेल प्रशासन द्वारा इस स्टेशन की अनदेखी की जा रही है। इसका अंदाजा यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखकर लगाया जा सकता है। स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के कोई इंतजाम नहीं हैं। छुट्टा पशु बेरोकटोक स्टेशन परिसर में घूमते रहते हैं, जिससे यहां जगह-जगह गोबर पड़ा रहता है। यात्रियों के लिए प्लेटफार्म नंबर दो पर बनाए गए शौचालय पर ताला लटका रहता है। आरपीएफ के कक्ष पर भी अक्सर ताला ही नजर आता है। ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान की सूचना के लिए स्टेशन पर इलेक्ट्रिक डिस्प्ले तो लगा हुआ है, परंतु उसमें जानकारी दर्शायी नहीं जाती है।प्लेटफार्मों पर लगे पंखे शोपीस साबित हो रहे हैं।
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पार्क बना शराबियों का अड्डा
मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के पास पार्क बना हुआ है, लेकिन इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। बल्कि, यह शराबियों का अड्डा बनकर रह गया है। पार्क में जगह-जगह शराब के खाली पाउच पड़े नजर आते हैं। इसके अलावा पार्क में गंदगी की भी भरमार है। वहीं, प्लेटफार्म पर इलेक्ट्रिक सिग्नल केबल डालने के लिए खुदाई की गई थी। यह काम पूरा करने के बाद मलवा प्लेटफार्म पर ही डला छोड़ दिया गया।
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आउटसोर्सिंग पर दो सफाई कर्मचारियों को रखा गया है, जो सुबह-शाम सफाई करते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बने शौचालय के ताले खुले होने पर पास की बस्ती के लोग गंदगी फैलाते हैं व टोटियां तोड़ देते हैं। पंखों को रात के समय चलाया जाता है। जल्दी ही पार्क की साफ सफाई करा दी जाएगी। सिग्नल का कार्य कर रहे ठेकेदार से भी मलवा हटाने के लिए कहा गया है। जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश न कर पाएं, इसके इंतजाम करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - आरजी साहू, स्टेशन प्रबंधक
प्रत्येक अमावस्या पर ट्रेन से चित्रकूट जाते हैं, प्लेटफार्म हर समय गंदगी देखने को मिलती है। गर्मी में भी प्लेटफार्म नंबर दो पर लगे पंखे बंद पड़े हैं। शौचालय में भी ताला लटक रहा है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। - काशीराम पटेल, सरसेड़ा गुरसराय
यात्रियों की भीड़ के हिसाब से स्टेशन पर छाया की व्यवस्था नहीं है। धूप में यात्रियों को यहां-वहां बैठना पड़ता है। दिव्यांग शौचालय में भी ताला लटका रहता है। रेल प्रशासन को यात्री सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। - कोमल अहिरवार, मगरपुर