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परकोटे को पुराने स्वरूप में लौटने का इंतजार
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झांसी। भांडेरी गेट पर नाले की निकासी के लिए तोड़े गए परकोटे के हिस्से का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। जबकि, सदन की बैठक में यह मुद्दा उठा था और पार्षदों ने अमर उजाला में प्रकाशित खबरों की प्रतियाें को लहराया था। इस पर डीएम/नगर आयुक्त शिवसहाय अवस्थी ने परकोटे को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया था।
भांडेरी गेट पर तोड़े गए परकोटे का निर्माण कराने की बात नगर निगम के जिम्मेदार अब भी कर रहे हैं लेकिन निर्माण कब होगा यह अभी तय नहीं है। बता दें कि नगर निगम ने नाले की निकासी को लेकर परकोटे को ढहाने का तर्क दिया था। अमर उजाला ने जब मुद्दे को उठाया तो नगर निगम के अधिकारियों और महापौर रामतीर्थ सिंघल ने उसका नवनिर्माण कराने का आश्वासन दिया था। बावजूद अब तक परकोटे को संवारने के लिए एक ईंट भी वहां नहीं लगाई गई है। सदन की बैठक में पार्षद सुलेमान अहमद मंसूरी ने परकोटे को तोड़ने का कारण और उसका निर्माण न होने का मुद्दा उठाकर अमर उजाला की प्रतियों को लहराया था। डीएम/नगर आयुक्त ने इस पर कहा था कि परकोटा एतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। इसलिए, उसे सहेजने के साथ ही संवारने का आश्वासन देते हुए योजना को स्मार्ट सिटी में शामिल करने का आश्वासन दिया था।
दूसरी ओर डीएम ने जांच की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को दी थी। तीन विभागों तहसील, नगर निगम और पुरातत्व विभाग से परकोटे को ढहाने के मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी। पुरातत्व विभाग ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेने के बाद एक रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट और एक रिपोर्ट इंटेक संस्था को भेज दी थी। बावजूद, उस पर जांच समिति की तरफ से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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परकोटे के ढहाए गए हिस्से का नवनिर्माण कराकर उसे पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा। इसके लिए टेंडर जल्द कराए जाएंगे। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर।
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भांडेरी गेट पर तोड़े गए परकोटे का निर्माण कराने की बात नगर निगम के जिम्मेदार अब भी कर रहे हैं लेकिन निर्माण कब होगा यह अभी तय नहीं है। बता दें कि नगर निगम ने नाले की निकासी को लेकर परकोटे को ढहाने का तर्क दिया था। अमर उजाला ने जब मुद्दे को उठाया तो नगर निगम के अधिकारियों और महापौर रामतीर्थ सिंघल ने उसका नवनिर्माण कराने का आश्वासन दिया था। बावजूद अब तक परकोटे को संवारने के लिए एक ईंट भी वहां नहीं लगाई गई है। सदन की बैठक में पार्षद सुलेमान अहमद मंसूरी ने परकोटे को तोड़ने का कारण और उसका निर्माण न होने का मुद्दा उठाकर अमर उजाला की प्रतियों को लहराया था। डीएम/नगर आयुक्त ने इस पर कहा था कि परकोटा एतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। इसलिए, उसे सहेजने के साथ ही संवारने का आश्वासन देते हुए योजना को स्मार्ट सिटी में शामिल करने का आश्वासन दिया था।
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दूसरी ओर डीएम ने जांच की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को दी थी। तीन विभागों तहसील, नगर निगम और पुरातत्व विभाग से परकोटे को ढहाने के मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी। पुरातत्व विभाग ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेने के बाद एक रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट और एक रिपोर्ट इंटेक संस्था को भेज दी थी। बावजूद, उस पर जांच समिति की तरफ से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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परकोटे के ढहाए गए हिस्से का नवनिर्माण कराकर उसे पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा। इसके लिए टेंडर जल्द कराए जाएंगे। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर।