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पॉलीथिन पर प्रतिबंध से पनपेंगे कुटीर उद्योग

Sun, 20 Dec 2015 01:34 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sun, 20 Dec 2015 01:34 AM IST
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Panpenge cottage industry of ban on polythene
झांसी। पॉलीथिन पर प्रतिबंध से कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। कागज के लिफाफे, कुल्हड़, दोना-पत्तल, कागज के कप व गिलास के  उत्पादन में वृद्धि होगी।
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पॉलीथिन के चलन से पूर्व कपड़े, जूट के थैलों व लकड़ी की डलियों का उपयोग सामान लाने ले जाने के लिए किया जाता था। लेकिन, जैसे ही पॉलीथिन ने बाजार में अपना कब्जा जमाया, यह सब चलन से बाहर हो गए। कागज के लिफाफों का स्थान भी पॉलीथिन ने ले लिया था।
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पत्तों के दोना-पत्तलों के स्थान पर भी प्लास्टिक की यूज एंड थ्रो वाली थालियां चलन में आ गईं थीं। प्लास्टिक के कप व गिलासों का भी बाजार में कब्जा हो गया, इस कारण कुल्हड़ अब देखने को भी बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। लेकिन पालीथिन पर प्रतिबंध से इनका चलन फिर बढ़ेगा। शासन का यह फैसला बड़े वर्ग को राहत देगा।
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पॉलीथिन पर पहले भी कई बार प्रतिबंध लग चुका है, लेकिन इस बार शासन ने  पॉलीथिन रखने पर छह माह की कैद और पांच लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान रखा है। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि कार्रवाई कौन करेगा। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि शासनादेश आने के बाद ही कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कार्रवाई का अधिकार नगर निगम को मिलता है तो सभी प्रमुख अधिकारियों के साथ सेनेटरी इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

त्र दस करोड़ प्रतिमाह का है कारोबार
जिले में पॉलीथिन का कारोबार करीब दस करोड़ रुपये प्रति माह का है। विभिन्न प्रकार की पॉलीथिन, डिस्पोजल वाले कप, गिलास व थाली आदि की बिक्री होती है।

प्रकृति को ‘अपच’ है पॉलीथिन
पॉलीथिन प्रकृति के लिए जहर समान है। आमतौर पर जमीन के अंदर जाने पर सभी पदार्थ मिट्टी में मिल जाते हैं, लेकिन पॉलीथिन के साथ ऐसा नहीं हो पाता है। नगर निगम के प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के चीफ एक्जीक्यूटिव राकेश सोलंकी ने बताया कि मुख्य रूप से चार प्रकार की पॉलीथिन बाजार में चलन में हैं। इनमें से पीपी पांच सौ साल तक, एलडीपीई तीन सौ साल तक, एचडीपीई एक हजार साल तक, पीवीसी सौ साल तक मिट्टी में मिक्स नहीं होती है। मिट्टी में पॉलीथिन की मौजूदगी उसकी उर्वरा शक्ति के लिए घातक है।


बदलेगा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का कैरी बैग
नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का बैग अब प्लास्टिक से बदलकर जूट का हो जाएगा। हालांकि, प्रतिबंध की गाइड लाइन में इस पर रोक नहीं है, लेकिन इससे यह संदेश न जाए कि नगर निगम पॉली बैग का प्रयोग कर रहा है, यह सोच कर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने इसे बदलने का निर्णय लिया है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट शहर के 11 हजार घरों से प्लास्टिक कचरा कलेक्ट कर रहा है।
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