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पंचायत चुनाव : एक बूथ पर पड़ेंगे सवा सात सौ वोट
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Panchayat election
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झांसी। पंचायत चुनावों में इस बार एक बूथ पर करीब सवा सात सौ वोट डालने की व्यवस्था की जा रही। इसके मुताबिक मतदान केंद्रों में इंतजाम किए जा रहे हैं। नई मतदाता सूची बनने से मतदाताओं की संख्या में भी इजाफा होगा। इस वजह से बूथों की संख्या का भी बढ़ना तय है।
मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही पंचायत चुनावों को लेकर दूसरी तैयारियां भी धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगीं हैं। मतदाता सूची के साथ ही मतदान केंद्र, बूथ की स्थिति आदि भी अपग्रेड किए जा रहे हैं। वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनावों में कुल 884085 मतदाताओं के नाम सूची में शामिल थे। इनके लिए कुल 747 मतदान केंद्रों में 1523 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। पिछली बार करीब आठ सौ वोट एक बूथ पर डाले गए थे लेकिन, इस बार बूथ की संख्या बढ़ाते हुए उसमें मतदाताओं की संख्या घटाई जाएगी। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस बार एक बूथ पर 725 मतदाताओं का ही औसत रखने की कोशिश होगी। जिससे मतदाताओं को मताधिकार इस्तेमाल करने में आसानी होगा हालांकि बूथ की संख्या का निर्धारण मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन होने के बाद ही संभव हो सकेगा। उम्मीद जताई जा रही कि इसमें न्यूनतम बीस फीसदी की बढ़ोत्तरी संभव है।
मतदाता सूची के संग जुड़ेगा आधार
पंचायत चुनावों को लेकर एक अक्तूबर से बनाई जाने वाली मतदाता सूची में मतदाताओं के साथ उनके आधार नंबर भी दर्ज किए जाएंगे हालांकि इस बार इसे ऐच्छिक ही रखा गया है। मतदाता की इच्छा पर ही उसका आधार नंबर सूची के साथ दर्ज किया जाएगा। बीएलओ को यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक परिवार के किसी एक सदस्य का मोबाइल नंबर प्राप्त करके उसे आयोग की ओर से दिए गए साफ्टवेयर में अपलोड किए जाएंगे।
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पिछली बार के बीएलओ को ही जिम्मेदारी
पंचायत चुनावों में भी लोकसभा चुनाव के दौरान बनाए गए बीएलओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय चुनाव आयोग से सूची मांगी है। इस दौरान जो बीएलओ सेवानिवृत्त, मृत अथवा लंबे अवकाश पर चल रहे हैं, उनके स्थान पर ही नए बीएलओ तैनात किए जाएंगे।
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मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही पंचायत चुनावों को लेकर दूसरी तैयारियां भी धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगीं हैं। मतदाता सूची के साथ ही मतदान केंद्र, बूथ की स्थिति आदि भी अपग्रेड किए जा रहे हैं। वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनावों में कुल 884085 मतदाताओं के नाम सूची में शामिल थे। इनके लिए कुल 747 मतदान केंद्रों में 1523 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। पिछली बार करीब आठ सौ वोट एक बूथ पर डाले गए थे लेकिन, इस बार बूथ की संख्या बढ़ाते हुए उसमें मतदाताओं की संख्या घटाई जाएगी। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस बार एक बूथ पर 725 मतदाताओं का ही औसत रखने की कोशिश होगी। जिससे मतदाताओं को मताधिकार इस्तेमाल करने में आसानी होगा हालांकि बूथ की संख्या का निर्धारण मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन होने के बाद ही संभव हो सकेगा। उम्मीद जताई जा रही कि इसमें न्यूनतम बीस फीसदी की बढ़ोत्तरी संभव है।
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मतदाता सूची के संग जुड़ेगा आधार
पंचायत चुनावों को लेकर एक अक्तूबर से बनाई जाने वाली मतदाता सूची में मतदाताओं के साथ उनके आधार नंबर भी दर्ज किए जाएंगे हालांकि इस बार इसे ऐच्छिक ही रखा गया है। मतदाता की इच्छा पर ही उसका आधार नंबर सूची के साथ दर्ज किया जाएगा। बीएलओ को यह निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक परिवार के किसी एक सदस्य का मोबाइल नंबर प्राप्त करके उसे आयोग की ओर से दिए गए साफ्टवेयर में अपलोड किए जाएंगे।
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पिछली बार के बीएलओ को ही जिम्मेदारी
पंचायत चुनावों में भी लोकसभा चुनाव के दौरान बनाए गए बीएलओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय चुनाव आयोग से सूची मांगी है। इस दौरान जो बीएलओ सेवानिवृत्त, मृत अथवा लंबे अवकाश पर चल रहे हैं, उनके स्थान पर ही नए बीएलओ तैनात किए जाएंगे।