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चित्रकारों की कला ने किया चकित
Wed, 10 Apr 2019 01:05 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 10 Apr 2019 01:05 AM IST
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fine art department
- फोटो : amarujala
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में फाइन आर्ट्स के छात्र-छात्राओं की तरफ से लगाई गई चार दिवसीय वार्षिक कला प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी में लगाई गई चित्रकारी की सभी ने सराहना की।
प्रदर्शनी में मनीषा, अंजली, आकांक्षा, सुमित झा और सौम्या की पोट्रेट पेंटिंग का प्रदर्शन किया गया। पंकज शर्मा ने बगैर ब्रुश के उपयोग से एक महिला की आकृति को बनाया। पोस्टर और कैनवास में कोलाज और ऑयल पेंटिंग से तैयार मातृत्व प्रेम, नारी सशक्तीकरण, प्राकृतिक सौंदर्य, महिला अत्याचार, मतदान, धर्म, संस्कृति, पूजनीय स्थल सहित अन्य पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शित की गईं। इसके अलावा योगेश और शिवानी ने पेंटिंग को फ्रेम में उतारा। प्रदर्शनी में देशभक्ति, कलात्मक शब्दों और कार्टून के एक से बढ़कर एक चित्र चित्रकारों की ओर से प्रदर्शित किए गए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रभाग वाणिज्यिक प्रबंधक विनीत कुमार सिंह ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि कला किसी भी मनुष्य के अंदर की एक जन्मजात प्रतिभा होती है। अभ्यास तथा प्रशिक्षण द्वारा उसमें सुधार किया जा सकता है, परंतु विशिष्टता प्राप्त करने के लिए कला के प्रति समर्पण आवश्यक है।
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वहीं, विशिष्ट अतिथि डॉ. डीके भट्ट ने कला प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों तथा उनके प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि ललित कला संस्थान के विद्यार्थी विश्वविद्यालय का नाम ऊंचा रखने में सदैव आगे रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पांडेय ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा बताया कि इस प्रदर्शनी में संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाये गए लगभग दो हजार से अधिक चित्र प्रदर्शित किये गये हैं।
इस अवसर पर डॉ. राधिका चौधरी, दिलीप कुमार, जयराम कुटार, मुकुल वर्मा, आरती वर्मा डॉ. उमेश कुमार, अभिषेक कुमार, उमेश शुक्ला मौजूद रहे। आभार डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने व्यक्त किया।
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प्रदर्शनी में मनीषा, अंजली, आकांक्षा, सुमित झा और सौम्या की पोट्रेट पेंटिंग का प्रदर्शन किया गया। पंकज शर्मा ने बगैर ब्रुश के उपयोग से एक महिला की आकृति को बनाया। पोस्टर और कैनवास में कोलाज और ऑयल पेंटिंग से तैयार मातृत्व प्रेम, नारी सशक्तीकरण, प्राकृतिक सौंदर्य, महिला अत्याचार, मतदान, धर्म, संस्कृति, पूजनीय स्थल सहित अन्य पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शित की गईं। इसके अलावा योगेश और शिवानी ने पेंटिंग को फ्रेम में उतारा। प्रदर्शनी में देशभक्ति, कलात्मक शब्दों और कार्टून के एक से बढ़कर एक चित्र चित्रकारों की ओर से प्रदर्शित किए गए।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रभाग वाणिज्यिक प्रबंधक विनीत कुमार सिंह ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि कला किसी भी मनुष्य के अंदर की एक जन्मजात प्रतिभा होती है। अभ्यास तथा प्रशिक्षण द्वारा उसमें सुधार किया जा सकता है, परंतु विशिष्टता प्राप्त करने के लिए कला के प्रति समर्पण आवश्यक है।
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वहीं, विशिष्ट अतिथि डॉ. डीके भट्ट ने कला प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों तथा उनके प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि ललित कला संस्थान के विद्यार्थी विश्वविद्यालय का नाम ऊंचा रखने में सदैव आगे रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पांडेय ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा बताया कि इस प्रदर्शनी में संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाये गए लगभग दो हजार से अधिक चित्र प्रदर्शित किये गये हैं।
इस अवसर पर डॉ. राधिका चौधरी, दिलीप कुमार, जयराम कुटार, मुकुल वर्मा, आरती वर्मा डॉ. उमेश कुमार, अभिषेक कुमार, उमेश शुक्ला मौजूद रहे। आभार डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने व्यक्त किया।