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Jhansi News: बारिश और बिजली की बेरुखी से संकट में धान की फसल
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नहरों में मांग के अनुरूप पानी भी नहीं छोड़ा जा रहा, किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। क्षेत्र में बारिश न होने से खरीफ फसलों पर संकट गहराता जा रहा है। खेतों में नमी की कमी से किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। वहीं, नहरों में मांग के अनुरूप पानी न छोड़े जाने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
मोंठ, समथर, पूंछ, शाहजहांपुर, चिरगांव क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल प्रमुख रूप से की जा रही है। इसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। वर्षा कम होने से किसान निजी नलकूपों के सहारे सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति इसमें बड़ी बाधा बन रही है। ग्राम सेना व आसपास के गांवों के किसानों ने पावर हाउस पहुंचकर कम वोल्टेज व बिजली संकट की शिकायत की। किसान रामस्वरूप, राजेंद्र सिंह, हरिओम व मुकेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि निर्धारित समय में भी पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है, जिससे नलकूप पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। कम वोल्टेज व ओवरलोडिंग के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और फसल सूखने लगी है। किसानों ने कहा कि यदि चार या आठ घंटे की बिजली भी तय समय पर और पर्याप्त वोल्टेज के साथ मिल जाए तो वह किसी तरह अपनी फसल बचा सकते हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में सिंचाई करना मुश्किल हो गया है।
वहीं, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सौरभ राय ने बताया कि देहात क्षेत्र में कहीं चार घंटे तो कहीं आठ घंटे का रोस्टर बनाकर सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। क्षेत्र में बारिश न होने से खरीफ फसलों पर संकट गहराता जा रहा है। खेतों में नमी की कमी से किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। वहीं, नहरों में मांग के अनुरूप पानी न छोड़े जाने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
मोंठ, समथर, पूंछ, शाहजहांपुर, चिरगांव क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल प्रमुख रूप से की जा रही है। इसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। वर्षा कम होने से किसान निजी नलकूपों के सहारे सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति इसमें बड़ी बाधा बन रही है। ग्राम सेना व आसपास के गांवों के किसानों ने पावर हाउस पहुंचकर कम वोल्टेज व बिजली संकट की शिकायत की। किसान रामस्वरूप, राजेंद्र सिंह, हरिओम व मुकेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि निर्धारित समय में भी पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है, जिससे नलकूप पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। कम वोल्टेज व ओवरलोडिंग के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और फसल सूखने लगी है। किसानों ने कहा कि यदि चार या आठ घंटे की बिजली भी तय समय पर और पर्याप्त वोल्टेज के साथ मिल जाए तो वह किसी तरह अपनी फसल बचा सकते हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में सिंचाई करना मुश्किल हो गया है।
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वहीं, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सौरभ राय ने बताया कि देहात क्षेत्र में कहीं चार घंटे तो कहीं आठ घंटे का रोस्टर बनाकर सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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