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Jhansi News: आदेश का ऑपरेशन, निजी अस्पतालों में इलाज कर रहे सरकारी चिकित्सक

Sat, 11 Jan 2025 10:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2025 10:54 PM IST
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Operation ordered, government doctors treating in private hospitals

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। शासन के प्रतिबंध और हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कई सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस नहीं रुक रही है। सरकारी वेतन और एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) लेने के बाद भी ये चिकित्सक अधिक कमाई के चक्कर में निजी प्रैक्टिस भी चला रहे हैं। सुबह मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीज देखने के बाद दोपहर से कुछ चिकित्सक नर्सिंग होम में मरीजों का उपचार करते हैं, तो कई शाम को घर में ही क्लीनिक चला रहे हैं। कुछ चिकित्सकों के एक्सरे सेंटर और पैथोलॉजी लैब भी हैं।



नियमानुसार मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों के नियमित चिकित्सक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकते। इन डॉक्टरों को शपथपत्र देना होता है कि वह निजी प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं। शपथपत्र देने के बाद नियमित डॉक्टरों को हर माह 40 से 50 हजार रुपये एनपीए मिलता है।
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झांसी के मेडिकल कॉलेज की 500 मीटर की परिधि में करीब 100 नर्सिंग होम बने हैं। इनमें से कुछ नर्सिंग होम में मेडिकल कॉलेज के 16-17 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। कुछ चिकित्सकों का अपना नर्सिंग होम भी है। नर्सिंग होम में इन डॉक्टरों की ओपीडी दोपहर 2 बजे के बाद से शुरू होती है।
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ओपीडी में आने वाले रोगियों के नंबर दोपहर 12 बजे से लगना शुरू होते हैं। कानूनी दिक्कत से बचने के लिए चिकित्सक नर्सिंगहोम का नाम लिखा पर्चा देते हैं या फिर साधा कागज पर दवाएं लिखते हैं। कई चिकित्सक अपने रोगियों का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में करते हैं या गंभीर रोगियों को वहां भर्ती कराते हैं।

दलाल भेजते हैं नर्सिंग होम



निजी प्रैक्टिस करने वाले मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के संरक्षण के कारण इमरजेंसी के आसपास दलाल सक्रिय हैं। ये दलाल तीमारदारों को बरगलाकर मरीजों को नर्सिंग होम में भिजवाते हैं।



आवास पर भी क्लीनिक



मेडिकल कॉलेज के कई डॉक्टर अपने घर पर क्लीनिक चला रहे हैं। दोपहर 12 बजे से यहां रोगियों के नंबर लगने शुरू हो जाते हैं। नर्सिंग होम और क्लीनिक में उपचार के लिए आने वाले रोगियों की अधिकांश जांचें मेडिकल कॉलेज में ही कराई जाती हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोगी का एक रुपये का पर्चा बनवाकर जांच के लिए भेजा जाता है।


वर्जन



मेडिकल कॉलेज के सभी नियमित डॉक्टरों से प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करने का शपथपत्र जल्द देने के लिए कहा है। यदि कोई प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिलता है, तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। - डॉ. मयंक सिंह, प्रभारी प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज

मेरठ---एसएन फार्म हाउस 100 फुटा रोड मृतको के शवो को कबिस्तान ले जाते लोगस  ------नीटू

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