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जेआर के एक तिहाई पद खाली, ओमिक्रॉन आया तो कैसे लड़ेंगे

Thu, 02 Dec 2021 01:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 01:24 AM IST
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One-third of JR posts are vacant, how will you fight if Omicron comes?
झांसी। कई देशों में तेजी से फैल रहा कोरोना के नए रूप ओमिक्रॉन को लेकर भारतीय विशेषज्ञ चिंतित हैं। वो कह चुके हैं कि ओमिक्रॉन कोरोना की तीसरी लहर ला सकता है। वहीं, मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के एक तिहाई पद खाली पड़े हैं। ऐसे में यदि तीसरी लहर आती है तो मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में 70-70 चिकित्सक तैनात रहते हैं। नीट काउंसलिंग में देरी की वजह से जूनियर डॉक्टरों का पहला बैच सीटों का आवंटन न होने के चलते नहीं आ पाया है। ऐसे में 210 की जगह 70 जूनियर डॉक्टर ही मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं।
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वहीं, सुप्रीम कोर्ट में काउंसलिंग को लेकर अगली सुनवाई जनवरी में होनी है। ऐसे में दिसंबर तक इनकी तैनाती होने की भी उम्मीद नहीं है। इसी बीच, यदि कोरोना की तीसरी लहर आ जाती तो मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि दूसरी लहर के दौरान 210 जेआर होने के बावजूद व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में पहले बैच के जूनियर डॉक्टरों को भी जल्द सीट आवंटन होना चाहिए।
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कल से इमरजेंसी छोड़ सारे काम बंद करने की चेतावनी
नीट काउंसलिंग की मांग को लेकर शुक्रवार से जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने कॉलेज प्राचार्य को पत्र देकर कहा कि शनिवार से इमरजेंसी छोड़कर बाकी सभी काम बंद कर देंगे। इस मामले में प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों की शुक्रवार को बैठक बुलाई है। वैकल्पिक व्यवस्था करने पर फैसला हो सकता है।
नीट काउंसलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में छह जनवरी को तारीख लगी हुई है। कोर्ट का आदेश जारी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है। यदि कोरोना बढ़ता है तो मौजूदा स्टाफ से काम लिया जाएगा। डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।

तीनों बैच में 70-70 जूनियर डॉक्टर होने के चलते 210 चिकित्सक तैनात रहते हैं। इन दिनों सिर्फ 140 जेआर ही हैं। ऐसे में यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी। डॉ. निखिल मिश्रा, जूडा अध्यक्ष।
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