झांसी। कोटेदारों तक अनाज पहुंचाने की आज से नई व्यवस्था आरंभ हो गई। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले चिरगांव ब्लॉक से इसकी शुरूआत हुई। इसके जरिए अब कोटेदारों को सीधे गोदाम से ही अनाज पहुंचाया जाएगा। इस व्यवस्था के सफल रहने पर अन्य जगहों पर लागू किए जाने की योजना है। सोमवार को आरएफसी नरेंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ियों को इसके लिए रवाना किया। आरएफसी के मुताबिक पूरे मंडल में एक साथ यह योजना लागू की गई है।
पायलट प्रोजेक्ट में प्रत्येक जनपद में एक-एक ब्लॉक का चयन किया गया। झांसी में चिरगांव ब्लॉक, ललितपुर में बांसी एवं जालौन में जालौन ब्लॉक चुने गए हैं। चिरगांव में 51, बांसी में 53 एवं जालौन में 87 कोटेदारों तक नई व्यवस्था के जरिए अनाज पहुंचाया जा रहा है। बता दें, मौजूदा व्यवस्था में टू स्टेप वितरण प्रणाली काम कर रही है। इसके जरिए गोदाम से पहले अनाज ब्लॉक पहुंचाया जाता है। वहां से यह कोटेदारों तक भेजा जाता है। दो चरणों में होने से समय लगने के साथ परिवहन लागत भी बढ़ जाती थी। साथ ही, अनाज उठान में गड़बड़ी की आशंका भी बनी रहती थी। इसे खत्म करने के लिए वन स्टेप डिलीवरी व्यवस्था आरंभ की जा रही। शासन ने दस ब्लॉक से कम वाले जनपदों में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे लांच किया है। इसके जरिए अनाज गोदाम से सीधे कोटेदार तक पहुंचेगा। अफसरों को उम्मीद है इससे गड़बड़ी को रोका जा सकेगा हालांकि इसमें भी तमाम व्यवहारिक कठिनाइयां बताई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है इस व्यवस्था में जीपीएस युक्त वाहनों का ही इस्तेमाल होगा। फिलहाल एक माह तक के लिए अनाज पहुंचाए जाने का काम शुरू हो गया है।