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मरीज की मौत के एक माह बाद भी परिजनों को नहीं मिले डिस्चार्ज पेपर

Tue, 11 Aug 2020 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2020 01:12 AM IST
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One month latter dead not get paisent discharge paper
अस्पताल - फोटो : ???????
झांसी। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले मरीज के परिजनों को एक महीने बाद भी डिस्चार्ज पेपर नहीं मिल सके हैं। मरीज के भाई ने प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा है कि वह प्रपत्रों के लिए 10-12 बार चक्कर लगा चुके हैं। अब वह मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं। उन्होंने जल्द पेपर दिलाने की मांग की है।
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बीएचईएल में कार्यरत सैयद शहंशाह हैदर आब्दी की 26 जून को जिला अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल कॉलेज कोविड-19 सेंटर रेफर कर दिया था। नौ जुलाई को उन्हें वहां से डिस्चार्ज कर दिया। डिस्चार्ज के पेपर साथ में दिए गए। पेशे से पेशकार उनके भाई सैयद कमर हैदर आबदी ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को दिए पत्र में कहा है कि 11 जुलाई को उनकी तबीयत फिर से खराब हुई तो परिजन उन्हें लेकर कोविड अस्पताल पहुंचे। तापमान लेने के बाद डॉक्टर ने
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ऑक्सीजन लगा दी। उनकी अस्पताल में फाइल बनवाई गई। इस दौरान नौ जुलाई के कई प्रपत्र उनसे ले लिए गए। उपचार शुरू हुआ लेकिन पल्स न मिलने पर हैदर आब्दी को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद मरीज का भाई काउंटर पर आया तो भाई की मौत व उससे संबंधित सभी प्रपत्र की मांग की। इस पर कर्मचारी ने कहा कि दो घंटे के बाद सभी प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद परिजन शव को लेकर घर आ गए। तीन दिन बाद उनके डिस्चार्ज पेपर लेने के लिए पहुंचे तो तीन दिन बाद आने के लिए कहा। तब से आज तक कई बार अस्पताल जा चुके हैं लेकिन उन्हें पेपर नहीं उपलब्ध हो पा रहे हैं।
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