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Jhansi News: विधायक रवि की शिकायत पर कसा राजीव के करीबी अमित पर शिकंजा
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झांसी। सदर विधायक रवि शर्मा की शिकायत के बाद बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा के बेहद करीबी माने जाने वाले अमित पालर पर लगातार शिकंजा कस रहा है। उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं वहीं पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अमित का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
दरअसल दोनों विधायकों में तनातनी कोई आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। इन दूरियों की जानकारी शासन से लेकर प्रशासन तक को उस वक्त लगी जब सितंबर माह में एक ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में दो लोग बात कर रहे थे, जिनमें एक शख्स सदर विधायक रवि शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। उस वक्त तो मामला दब गया लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस पर रवि शर्मा ने शासन में शिकायत की। यहां तक कहा कि उसे एक माफिया से खतरा है। विधायक ने यहां तक कहा कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार वही माफिया होगा। खैर जब मामला शासन तक पहुंचा तो कोतवाली पुलिस ने 9 दिसंबर को अमित पालर को गिरफ्तार किया और 151 में चालान कर दिया। इसके बाद अगले दिन एक मुकदमा अमित पालर के खिलाफ 504 और 506 में और दर्ज हुआ। अब पुलिस ने अमित पालर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। एसपी सिटी राधेश्याम राय ने बताया कि अमित पालर के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई जारी है।
अचानक टूटी अफसरों की नींद, अवैध खनन पर चला कार्रवाई का सोंटा
झांसी। दरअसल सदर विधायक रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा था कि झांसी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। कुछ माफिया भाजपा के झंडे के नीचे आ गए हैं और वह अवैध खनन कर रहे हैं। टोल टैक्स भी नहीं दिया जा रहा। इनके खिलाफ डीआईजी और एसएसपी भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इस पर शासन से जारी हुए आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन की नींद टूट गई और छापे पड़ने लगे। 12 दिसंबर को 22 गाड़ियां सीज की गईं थीं। जबकि 13 दिसंबर को 10 गाड़ियां सीज हुईं। कई वाहन तो ऐसे भी मिले जिनके नंबर ठीक नहीं थे। कुछ गाड़ियों की नंबर प्लेट पर कालिख तक पोती गई थी। कई डंपर ऐसे भी पकड़े गए जिनकी नंबर प्लेट तक टूटी हुई थी।
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बड़ा सवाल, अब तक अवैध खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं की
झांसी। इस समय सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अवैध खनन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जिस तरह से पुलिस प्रशासन अभियान चलाकर अवैध बालू का परिवहन करने वाले डंपर पकड़ रहा है वह पहले क्यों नहीं पकड़े। इससे साफ है कि यह काला कारोबार अरसे से हो रहा था। लेकिन पुलिस प्रशासन भी खामोश था। इससे साफ है कि अवैध खनन करने वालों पर किसी बड़े सियासी शख्स का हाथ था।
मेरा किसी से कोई विवाद नहीं है। जनपद में हो रहे कुछ गलत कामों की शिकायत शासन से की थी। इसके बाद से पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहा है। अपराधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शासन की मंशानुरूप काम हो रहा है।
- रवि शर्मा, सदर विधायक
सदर विधायक हमारे वरिष्ठ हैं। हमारे बीच किसी तरह के विवाद की स्थिति नहीं है। हम सभी की मंशा क्षेत्र का विकास व आम जनमानस की भलाई ही है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
- राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक
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दरअसल दोनों विधायकों में तनातनी कोई आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। इन दूरियों की जानकारी शासन से लेकर प्रशासन तक को उस वक्त लगी जब सितंबर माह में एक ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में दो लोग बात कर रहे थे, जिनमें एक शख्स सदर विधायक रवि शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। उस वक्त तो मामला दब गया लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस पर रवि शर्मा ने शासन में शिकायत की। यहां तक कहा कि उसे एक माफिया से खतरा है। विधायक ने यहां तक कहा कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार वही माफिया होगा। खैर जब मामला शासन तक पहुंचा तो कोतवाली पुलिस ने 9 दिसंबर को अमित पालर को गिरफ्तार किया और 151 में चालान कर दिया। इसके बाद अगले दिन एक मुकदमा अमित पालर के खिलाफ 504 और 506 में और दर्ज हुआ। अब पुलिस ने अमित पालर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। एसपी सिटी राधेश्याम राय ने बताया कि अमित पालर के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई जारी है।
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अचानक टूटी अफसरों की नींद, अवैध खनन पर चला कार्रवाई का सोंटा
झांसी। दरअसल सदर विधायक रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा था कि झांसी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। कुछ माफिया भाजपा के झंडे के नीचे आ गए हैं और वह अवैध खनन कर रहे हैं। टोल टैक्स भी नहीं दिया जा रहा। इनके खिलाफ डीआईजी और एसएसपी भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इस पर शासन से जारी हुए आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन की नींद टूट गई और छापे पड़ने लगे। 12 दिसंबर को 22 गाड़ियां सीज की गईं थीं। जबकि 13 दिसंबर को 10 गाड़ियां सीज हुईं। कई वाहन तो ऐसे भी मिले जिनके नंबर ठीक नहीं थे। कुछ गाड़ियों की नंबर प्लेट पर कालिख तक पोती गई थी। कई डंपर ऐसे भी पकड़े गए जिनकी नंबर प्लेट तक टूटी हुई थी।
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बड़ा सवाल, अब तक अवैध खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं की
झांसी। इस समय सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अवैध खनन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जिस तरह से पुलिस प्रशासन अभियान चलाकर अवैध बालू का परिवहन करने वाले डंपर पकड़ रहा है वह पहले क्यों नहीं पकड़े। इससे साफ है कि यह काला कारोबार अरसे से हो रहा था। लेकिन पुलिस प्रशासन भी खामोश था। इससे साफ है कि अवैध खनन करने वालों पर किसी बड़े सियासी शख्स का हाथ था।
मेरा किसी से कोई विवाद नहीं है। जनपद में हो रहे कुछ गलत कामों की शिकायत शासन से की थी। इसके बाद से पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहा है। अपराधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शासन की मंशानुरूप काम हो रहा है।
- रवि शर्मा, सदर विधायक
सदर विधायक हमारे वरिष्ठ हैं। हमारे बीच किसी तरह के विवाद की स्थिति नहीं है। हम सभी की मंशा क्षेत्र का विकास व आम जनमानस की भलाई ही है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
- राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक