फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Omikron's fear: Nervousness increased, then the patients started coming to the depression

ओमिक्रॉन का खौफ: घबराहट बढ़ी, फिर डिप्रेशन में आने लगे मरीज

Mon, 06 Dec 2021 09:21 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 09:21 PM IST
विज्ञापन
Omikron's fear: Nervousness increased, then the patients started coming to the depression
झांसी। कोरोना वायरस के नए रूप ओमिक्रॉन का खौफ फिर से लोगों के सिर चढ़कर बोलने लगा है। सबसे ज्यादा दिक्कतें उन्हें शुरू हो गई हैं, जो पहले डिप्रेशन या एंजाइटी का शिकार रहे हैं। इन मरीजों की फिर घबराहट बढ़ने लगी है। वो मनोचिकित्सक के पास इलाज कराने पहुंच रहे हैं। साथ ही अवसाद से उबर रहे कई लोग फिर डिप्रेशन में आने लगे हैं।
विज्ञापन

कोरोना काल की दूसरी लहर ने झांसी समेत देश भर में खूब कहर ढाया था। श्मशानों ने लाशें जलाने के लिए इंतजार करना पड़ता था। चिताएं लगातार सुलगती रहती थीं। महामारी के खौफ में डिप्रेशन का शिकार कई मरीज गंभीर रूप से अवसाद में चले गई तो कई नए मनोरोगी बन गए। विशेषज्ञों के मुताबिक झांसी समेत बुंदेलखंड में मानसिक रूप से बीमार मरीजों की संख्या में कोरोना काल में 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ। इन लोगों में अधिकतर बेचैनी, घबराहट, आत्महत्या के विचार, बात-बात पर परेशान रहना, तनाव लेना, नशा करना आदि के मरीज हैं। इसमें फ्रंट लाइन वर्कर तक शामिल हैं। कोरोना के चलते जो आर्थिक तौर पर टूट गए, उन्हें भी गहरा सदमा पहुंचा। महामारी में अपनों को खो चुके लोग उनकी याद में डिप्रेशन में चले गए। अब ओमिक्रॉन के चलते फिर से लोगों की घबराहट बढ़ गई है। वह मनोचिकित्सक के पास इलाज कराने के लिए पहुंचने लगे हैं। साथ ही डिप्रेशन से उबर रहे लोग फिर से अवसाद में जाने लगे हैं।
विज्ञापन

ये मामले सामने आए
.............................
केस-1
दूसरी लहर में बड़ाबाजार की रहने वाले महिला की मां की कोरोना से मौत हो गई थी। जब से ओमिक्रॉन की भारत में दस्तक हुई है, तब से वो परिवार के दूसरे लोगों के बारे में सोचकर घबराने लगी हैं। ज्यादा घबराहट बढ़ने पर परिजन महिला को डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने काउंसलिंग की है। मगर अभी भी वो घर पर गुमसुम रह रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-2
कोरोना काल में एंबुलेंस से लाशें श्मशान घाट तक पहुंचाने वीरांगना नगर निवासी एक कर्मचारी बीते मई में डिप्रेशन में आ गया था। लंबा इलाज चलने के बाद अब फिर वो अवसाद से उबर रहा था। मगर ओमिक्रॉन को लेकर फिर से वह दहशत में आ गया है। रात में सोते समय उसे सपने में फिर वो मंजर दिखने लगा है। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।
कोरोना में कौन सा मर्ज कितना बढ़ा था
बीमारी बढ़ोतरी
डिप्रेशन 30 फीसदी
ओसीडी 40 फीसदी
घबराहट 50 फीसदी
ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर से मिलें
- व्यवहार में बदलाव
- नींद नहीं आना
- बेवजह शक करना
- खाना-पीना छोड़ देना
- सदमे में आ जाना
- हमेशा थका महसूस करना
ये बोले मनोचिकित्सक
................................
ओमिक्रॉन के डर से कई लोगों में घबराहट बढ़ी है। वह इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। कुछ डिप्रेशन के मरीज भी इसको लेकर चिंतित रहने लगे हैं। उनकी काउंसलिंग की जा रही है। समझाया जा रहा है कि इसको लेकर ज्यादा न सोचें। शोध के मुताबिक वैक्सीन लगवाने वालों को इससे ज्यादा खतरा नहीं है। - डॉ. शिकाफा जाफरीन, मनोचिकित्सक।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक आबादी का 15 फीसदी लोग डिप्रेशन का शिकार होते हैं। ऐसे में झांसी में करीब तीन लाख डिप्रेशन के मरीज होंगे। मगर, 10 फीसदी यानी 30 हजार इलाज के लिए आते हैं। ओमिक्रॉन के चलते लोगों में फिर से घबराहट बढ़ी है। डिप्रेशन से ठीक हो रहे मरीज फिर अवसाद में जाने लगे हैं। - डॉ. अर्जित गौरव, मनोचिकित्सक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed