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पुरानी एमआरआई, सीटी मशीनें से नहीं हो पाती कई महंगी जांचें
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें एक दशक से भी ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं। ये मशीनें अक्सर खराब हो जाती हैं। साथ ही इनसे कई महंगी जांचें तक नहीं हो पाती हैं। मरीजों को आठ से 15 हजार रुपये की जांचें प्राइवेट केंद्रों से करानी पड़ती है। कॉलेज प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक मशीनों को बदलने के लिए शासन को पत्र लिख चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज में 0.3 टेस्ला की एमआरआई और 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन लगी हुई है। जबकि, प्रदेश के अधिकांश राजकीय मेडिकल कॉलेजों में डेढ़ टेस्ला की एमआरआई मशीन है। इसी महीने एमआरआई दो बार तो पिछले महीने सीटी स्कैन मशीन दो बार खराब हो चुकी है। बताया गया कि एमआरआई मशीन का एसी 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान हो जाने पर काम करना बंद कर देता है। इससे मशीन ट्रिप हो जाती है। चूंकि, ये जांचें निजी केंद्रों पर सात-आठ हजार रुपये में होती हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीज बाहर ये जांचें नहीं करा पाते हैं। वहीं, एमआरआई मशीन से एमआर मेमोग्राफी, स्पेक्ट्रोस्कोपी, एमआरसीपी तो सीटी स्कैन से कार्डियक सीटी जांच नहीं हो पाती है। ये जांचें आठ से लेकर 15 हजार रुपये में होती हैं।
किस जांच का क्या काम
एमआर मेमेग्राफी जांच से ब्रेस्ट कैंसर का पता चलता है। जबकि, स्पेक्ट्रोस्कोपी से दिमाग की शिथिलता की जांच होती है। एमआरसीपी से पित्त की थैली में स्टोन और पैनक्रियाटिक कैंसर की जानकारी होती है। कार्डियक सीटी से पता चलता है कि मरीज की एंजियोप्लास्टी करनी है या नहीं।
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एमआरआई और सीटी स्कैन की नई मशीनों के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। सीएसआर और कोविड केयर फंड से भी मशीन लगवाने का प्रयास जारी है। इस साल नई मशीनें आने की उम्मीद है। - डॉ. अंशुल जैन, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज में 0.3 टेस्ला की एमआरआई और 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन लगी हुई है। जबकि, प्रदेश के अधिकांश राजकीय मेडिकल कॉलेजों में डेढ़ टेस्ला की एमआरआई मशीन है। इसी महीने एमआरआई दो बार तो पिछले महीने सीटी स्कैन मशीन दो बार खराब हो चुकी है। बताया गया कि एमआरआई मशीन का एसी 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान हो जाने पर काम करना बंद कर देता है। इससे मशीन ट्रिप हो जाती है। चूंकि, ये जांचें निजी केंद्रों पर सात-आठ हजार रुपये में होती हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीज बाहर ये जांचें नहीं करा पाते हैं। वहीं, एमआरआई मशीन से एमआर मेमोग्राफी, स्पेक्ट्रोस्कोपी, एमआरसीपी तो सीटी स्कैन से कार्डियक सीटी जांच नहीं हो पाती है। ये जांचें आठ से लेकर 15 हजार रुपये में होती हैं।
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किस जांच का क्या काम
एमआर मेमेग्राफी जांच से ब्रेस्ट कैंसर का पता चलता है। जबकि, स्पेक्ट्रोस्कोपी से दिमाग की शिथिलता की जांच होती है। एमआरसीपी से पित्त की थैली में स्टोन और पैनक्रियाटिक कैंसर की जानकारी होती है। कार्डियक सीटी से पता चलता है कि मरीज की एंजियोप्लास्टी करनी है या नहीं।
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एमआरआई और सीटी स्कैन की नई मशीनों के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। सीएसआर और कोविड केयर फंड से भी मशीन लगवाने का प्रयास जारी है। इस साल नई मशीनें आने की उम्मीद है। - डॉ. अंशुल जैन, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।