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दफ्तरों में 10 से 12 के बीच नहीं मिले अफसर....इधर से उधर भटकते रहे फरियादी
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झांसी। शासन के सख्त निर्देश हैं कि सभी विभागीय अधिकारी सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में बैठकर जनसमस्याएं सुनें और उनका पूरी संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करें। लेकिन, इन निर्देशों से कई अफसर इत्तेफाक नहीं रखते। शासन द्वारा तय किए गए वक्त में तमाम अफसर गायब मिले। पूछने पर बताया गया कि साहब फील्ड में गए हैं। तो कहीं कहा गया कि साहब सरकारी काम में लगे हुए हैं। अमर उजाला टीम द्वारा बुधवार को की गई पड़ताल में कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आई।
विकास भवन: अमर उजाला की टीम को सुबह 10.35 बजे जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का कक्ष सूना मिला। बताया गया कि सीडीओ साहब ने बुलाया है वह वहां गए हैं।
समाज कल्याण विभाग: 10.40 बजे समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार यादव भी अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। पूछने पर बताया गया कि साहब मीटिंग में गए हैं।
नेडा कार्यालय: सुबह 10.42 बजे नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि कुमार गुप्ता भी अपने कक्ष में नहीं मिले। यहां पूछने पर बताया गया कि साहब फील्ड में गए हैं।
शिक्षा भवन: 10.55 बजे बेसिक शिक्षा अधिकारी वेदराम अपने दफ्तर में नहीं मिले। यहां कर्मचारियों ने बताया कि साहब फाइल साइन करने कलक्ट्रेट गए हैं।
सेवा योजन कार्यालय: 11.55 बजे प्रभारी सहायक निदेशक (सेवायोजन) हिमांशु यादव अपने दफ्तर में नहीं मिलीं। कर्मचारियों ने बताया कि रोजगार मेले का आयोजन होना है साहब उसकी तैयारी में लगी हैं।
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ये बोले अफसर...
- 12 और 13 मई को वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाना है। इसकी तैयारियों के सिलसिले में आईटीआई गई हुई थी। - हिमांशु यादव, प्रभारी सहायक निदेशक (सेवायोजन)
- मैं सुबह ठीक 10 बजे कार्यालय पहुंच गया था। इसके बाद सीडीओ ने बुलाया था तो उनसे मिलने के लिए उनके कार्यालय गया हुआ था। - केके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
- रोजाना की तरह बुधवार को भी मैं सही समय पर अपने कार्यालय पहुंच गया था। इसके बाद विभागीय काम से कुछ समय के लिए सीडीओ कार्यालय जाना पड़ गया था। । - विपिन कुमार यादव, समाज कल्याण अधिकारी
- सही समय पर मैं ऑफिस में उपस्थित था, परंतु बाद में कस्तूरबा विद्यालय की चयन पत्रावली का अनुमोदन कराने एडीएम न्यायिक के ऑफिस जाना पड़ गया था। - वेदराम, बेसिक शिक्षा अधिकारी
- जिलाधिकारी के साथ बैठक थी, जिससे 10.30 बजे कलक्ट्रेट जाना पड़ गया था। वैसे में रोज की तरह सही समय पर अपने कार्यालय पहुंच गया था। - शशि कुमार गुप्ता, वरिष्ठ परियोजना निदेशक - नेडा
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विकास भवन: अमर उजाला की टीम को सुबह 10.35 बजे जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का कक्ष सूना मिला। बताया गया कि सीडीओ साहब ने बुलाया है वह वहां गए हैं।
समाज कल्याण विभाग: 10.40 बजे समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार यादव भी अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। पूछने पर बताया गया कि साहब मीटिंग में गए हैं।
नेडा कार्यालय: सुबह 10.42 बजे नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि कुमार गुप्ता भी अपने कक्ष में नहीं मिले। यहां पूछने पर बताया गया कि साहब फील्ड में गए हैं।
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शिक्षा भवन: 10.55 बजे बेसिक शिक्षा अधिकारी वेदराम अपने दफ्तर में नहीं मिले। यहां कर्मचारियों ने बताया कि साहब फाइल साइन करने कलक्ट्रेट गए हैं।
सेवा योजन कार्यालय: 11.55 बजे प्रभारी सहायक निदेशक (सेवायोजन) हिमांशु यादव अपने दफ्तर में नहीं मिलीं। कर्मचारियों ने बताया कि रोजगार मेले का आयोजन होना है साहब उसकी तैयारी में लगी हैं।
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ये बोले अफसर...
- 12 और 13 मई को वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाना है। इसकी तैयारियों के सिलसिले में आईटीआई गई हुई थी। - हिमांशु यादव, प्रभारी सहायक निदेशक (सेवायोजन)
- मैं सुबह ठीक 10 बजे कार्यालय पहुंच गया था। इसके बाद सीडीओ ने बुलाया था तो उनसे मिलने के लिए उनके कार्यालय गया हुआ था। - केके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
- रोजाना की तरह बुधवार को भी मैं सही समय पर अपने कार्यालय पहुंच गया था। इसके बाद विभागीय काम से कुछ समय के लिए सीडीओ कार्यालय जाना पड़ गया था। । - विपिन कुमार यादव, समाज कल्याण अधिकारी
- सही समय पर मैं ऑफिस में उपस्थित था, परंतु बाद में कस्तूरबा विद्यालय की चयन पत्रावली का अनुमोदन कराने एडीएम न्यायिक के ऑफिस जाना पड़ गया था। - वेदराम, बेसिक शिक्षा अधिकारी
- जिलाधिकारी के साथ बैठक थी, जिससे 10.30 बजे कलक्ट्रेट जाना पड़ गया था। वैसे में रोज की तरह सही समय पर अपने कार्यालय पहुंच गया था। - शशि कुमार गुप्ता, वरिष्ठ परियोजना निदेशक - नेडा