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Covid Vaccine: ऐ भाई ! मैसेज देखते रहो...कहीं आपको भी न लग जाए फर्जी वैक्सीन, चौंक गए शिक्षक
Mon, 19 Sep 2022 12:33 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 12:33 AM IST
सार
पंचवटी की नालंदा कॉलोनी के रहने वाले एडवोकेट संतोष कुमार दोहरे, उनकी पत्नी सुलेखा चौधरी, पिता घनश्याम दास, मां रामदेवी भी वैक्सीन फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं। इन सभी लोगों को कागजों में बूस्टर डोज लगा दी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
झांसी में कोरोना वैक्सीन की फर्जी बूस्टर डोज लगाने के एक मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि अब दूसरा केस सामने आ गया है। अब बीकेडी के शिक्षक को कागजों में ही वैक्सीन लगा दी गई है। जैसे ही उन्होंने मोबाइल पर वैक्सीन लगने का मेसेज देखा तो चौंक गए।
कोरोना की दूसरी वैक्सीन कागजों में लगाने के पहले कई मामले सामने आ चुके हैं। अब कुछ दिनों से फर्जी बूस्टर डोज लगाने के केस लगातार उजागर हो रहे हैं। ताजा मामला बुंदेलखंड महाविद्यालय के विधि विभाग के प्रमुख डॉ. एलसी साहू का है।
उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2021 को उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। सात मई 2021 को उन्हें दूसरी डोज लगी। कोरोना के केस बीच-बीच में फिर से सामने आने की वजह से वो बूस्टर डोज लगवाने के बारे में सोच रहे थे। हालांकि, उन्होंने कोई भी स्लॉट बुक नहीं कराया और न ही किसी केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाने के लिए गए।
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इसी बीच 11 सितंबर 2022 को उनके मोबाइल पर मेसेज आया कि उन्हें बूस्टर डोज लग चुकी है। ये देखकर वह हैरत में पड़ गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर कैसे उनके साथ ये फर्जीवाड़ा हो गया। अब वो इस बात को लेकर परेशान हैं कि वह केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाने के लिए जाएंगे तो लगेगी कैसे।
परिवार के चार लोगों को फर्जी टीका लगाने की जांच नहीं हुई पूरी
पंचवटी की नालंदा कॉलोनी के रहने वाले एडवोकेट संतोष कुमार दोहरे, उनकी पत्नी सुलेखा चौधरी, पिता घनश्याम दास, मां रामदेवी भी वैक्सीन फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं। इन सभी लोगों को कागजों में बूस्टर डोज लगा दी गई है। संतोष द्वारा डीएम, सीएमओ से मामले की शिकायत की गई है। हालांकि, एक सप्ताह से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस मामले की जांच पूरी नहीं हो पाई है। शुरूआती जांच में सीएचसी के बीपीएम की आईडी से वैक्सीन लगने की बात सामने आई है।
कोरोना काल में टीकाकरण के लिए बने कंट्रोल रूम में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को रखा गया था। जिनमें से कई हट चुके हैं। इनके पास वैक्सीनेशन से जुड़ा आईडी, पासवर्ड है। ऐसे में आशंका है कि इन्हीं कर्मचारियों में से कोई गड़बड़ी कर रहा है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही सब कुछ सामने आ जाएगा। - डॉ. रविशंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी।
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कोरोना की दूसरी वैक्सीन कागजों में लगाने के पहले कई मामले सामने आ चुके हैं। अब कुछ दिनों से फर्जी बूस्टर डोज लगाने के केस लगातार उजागर हो रहे हैं। ताजा मामला बुंदेलखंड महाविद्यालय के विधि विभाग के प्रमुख डॉ. एलसी साहू का है।
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उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2021 को उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। सात मई 2021 को उन्हें दूसरी डोज लगी। कोरोना के केस बीच-बीच में फिर से सामने आने की वजह से वो बूस्टर डोज लगवाने के बारे में सोच रहे थे। हालांकि, उन्होंने कोई भी स्लॉट बुक नहीं कराया और न ही किसी केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाने के लिए गए।
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इसी बीच 11 सितंबर 2022 को उनके मोबाइल पर मेसेज आया कि उन्हें बूस्टर डोज लग चुकी है। ये देखकर वह हैरत में पड़ गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर कैसे उनके साथ ये फर्जीवाड़ा हो गया। अब वो इस बात को लेकर परेशान हैं कि वह केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाने के लिए जाएंगे तो लगेगी कैसे।
परिवार के चार लोगों को फर्जी टीका लगाने की जांच नहीं हुई पूरी
पंचवटी की नालंदा कॉलोनी के रहने वाले एडवोकेट संतोष कुमार दोहरे, उनकी पत्नी सुलेखा चौधरी, पिता घनश्याम दास, मां रामदेवी भी वैक्सीन फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं। इन सभी लोगों को कागजों में बूस्टर डोज लगा दी गई है। संतोष द्वारा डीएम, सीएमओ से मामले की शिकायत की गई है। हालांकि, एक सप्ताह से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस मामले की जांच पूरी नहीं हो पाई है। शुरूआती जांच में सीएचसी के बीपीएम की आईडी से वैक्सीन लगने की बात सामने आई है।
कोरोना काल में टीकाकरण के लिए बने कंट्रोल रूम में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को रखा गया था। जिनमें से कई हट चुके हैं। इनके पास वैक्सीनेशन से जुड़ा आईडी, पासवर्ड है। ऐसे में आशंका है कि इन्हीं कर्मचारियों में से कोई गड़बड़ी कर रहा है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही सब कुछ सामने आ जाएगा। - डॉ. रविशंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी।