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ललितपुर जिला अस्पताल में चूक: महिला ने दिया बेटे को जन्म, स्वास्थ्य कर्मियों ने थमा दी बेटी
Fri, 07 Jan 2022 05:27 PM IST
झांसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 05:27 PM IST
सार
ग्राम कचनौंदा निवासी राजकुमारी को एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्ची की जगह बच्चा थमा दिया। लड़की की जगह लड़के को देखकर वह घबरा गई। इसकी जानकारी महिला के तीमारदारों ने अस्पताल कर्मियों को दी। जानकारी मिलते ही कर्मचारियों के हाथ पैर फूल गए।
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ललितपुर जिला अस्पताल
- फोटो : amar ujala
विस्तार
महिला अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों की चूक से दो बच्चे बदल गए। बेटे को जन्म देने वाली महिला को बेटी और बेटी को जन्मने वाली मां को पुत्र सौंप दिया। परिजनों ने जब बच्चों को देखा, तो उनके होश उड़ गए। इसकी शिकायत जब तक अस्पताल स्टाफ से की गई, तब तक बेटे को जन्म देने वाली प्रसूता बेटी को लेकर झांसी रेफर हो चुकी थी। सूचना देेने पर बृहस्पतिवार को बेटी को झांसी से ललितपुर भेजा गया और उनके परिजनों को सौंपा गया। वहीं मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा रहा।
ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम खुरा निवासी रचना (32) पत्नी भगवानदास को प्रसव पीड़ा होने पर पांच जनवरी को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर शाम सामान्य प्रसव के बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया। बच्चे के मुंह से पानी आने पर एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। प्रसूता पूरी तरह से स्वस्थ थी। देर रात्रि लगभग दस बजे महिला की हालत खराब हो गई। ब्लड प्रेशर बढ़ गया और चक्कर आने लगे। इस पर चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार कर महिला को झांसी के लिए रेफर किया। महिला के रेफर होने पर एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्चे की जगह बच्ची थमा दी गई। महिला की हालत खराब होने के चलते परिजन बच्ची को लेकर झांसी चले गए। जहां पर भर्ती होकर उपचार शुरू हो गया।
इधर, ग्राम कचनौंदा निवासी राजकुमारी को एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्ची की जगह बच्चा थमा दिया। लड़की की जगह लड़के को देखकर वह घबरा गई। इसकी जानकारी महिला के तीमारदारों ने अस्पताल कर्मियों को दी। जानकारी मिलते ही कर्मचारियों के हाथ पैर फूल गए। हालांकि बाद में रेफर गई महिला के परिजनों से संपर्क किया गया। बृहस्पतिवार को सुबह लड़की को झांसी से ललितपुर भेजा गया। जिसके बाद महिला के सुपुर्द किया गया। वहीं बालक को झांसी महिला के पास भेज दिया गया।
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एनएनसीयू में नवजात बच्चे अधिक भर्ती थे, रेफर के दौरान नवजात बदल गए थे। प्रसूता को बच्चे को सुपुर्द कर दिया है। - डॉ. सुनील बरया, प्रभारी, एनएनसीयू
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ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम खुरा निवासी रचना (32) पत्नी भगवानदास को प्रसव पीड़ा होने पर पांच जनवरी को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर शाम सामान्य प्रसव के बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया। बच्चे के मुंह से पानी आने पर एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। प्रसूता पूरी तरह से स्वस्थ थी। देर रात्रि लगभग दस बजे महिला की हालत खराब हो गई। ब्लड प्रेशर बढ़ गया और चक्कर आने लगे। इस पर चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार कर महिला को झांसी के लिए रेफर किया। महिला के रेफर होने पर एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्चे की जगह बच्ची थमा दी गई। महिला की हालत खराब होने के चलते परिजन बच्ची को लेकर झांसी चले गए। जहां पर भर्ती होकर उपचार शुरू हो गया।
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इधर, ग्राम कचनौंदा निवासी राजकुमारी को एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्ची की जगह बच्चा थमा दिया। लड़की की जगह लड़के को देखकर वह घबरा गई। इसकी जानकारी महिला के तीमारदारों ने अस्पताल कर्मियों को दी। जानकारी मिलते ही कर्मचारियों के हाथ पैर फूल गए। हालांकि बाद में रेफर गई महिला के परिजनों से संपर्क किया गया। बृहस्पतिवार को सुबह लड़की को झांसी से ललितपुर भेजा गया। जिसके बाद महिला के सुपुर्द किया गया। वहीं बालक को झांसी महिला के पास भेज दिया गया।
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एनएनसीयू में नवजात बच्चे अधिक भर्ती थे, रेफर के दौरान नवजात बदल गए थे। प्रसूता को बच्चे को सुपुर्द कर दिया है। - डॉ. सुनील बरया, प्रभारी, एनएनसीयू