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अब रेलवे से भी नगर निगम वसूलेगा यूजर चार्ज
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झांसी। नगर निगम रेलवे से भी यूजर चार्ज की वसूली करेगा। केंद्र सरकार की इमारतों से हाउसटैक्स को लेकर निकायों का लंबे समय से विवाद चल रहा था लेकिन, अब उनसे यूजर चार्ज वसूलने की सहमति बन गई है। इस संबंध में पिछले दिनों निदेशक ने नगर आयुक्त को कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
हाउसटैक्स नगर निगम की आय का मुख्य जरिया है। नगर निगम राज्य सरकार की इमारतों से तो हाउसटैक्स वसूली करता है लेकिन, केंद्र सरकार की इमारतें टैक्स नहीं देंती। केंद्र सरकार किसी भी कार्यालय के लिए कोई हाउसटैक्स अदा नहीं करती। पिछले करीब दस वर्षों से यह मामला विवादित था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। उसके बाद हाउसटैक्स की जगह यूजर चार्ज वसूलने पर सहमति बन गई। इससे नगर निगम की हर साल करोड़ों रुपये की आमदनी होगी। निदेशक की ओर से दिए गए निर्देश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की सभी सम्पत्तियों से सेवा प्रभार की वसूली की जाए। जो कार्यालय नगर निगम की सुविधाओं का पूरा इस्तेमाल करते हैं उनसे सम्पत्तिकर का 75 प्रतिशत यूजर चार्ज लेने को कहा गया। इसी तरह सुविधाओं के इस्तेमाल के आधार पर पचास प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक यूजर चार्ज लेने को कहा गया है। चूंकि अधिकांश कार्यालय शहरी इलाकों में ही स्थित हैं इस वजह से अधिकांश कार्यालयों से 75 फीसदी तक यूजर चार्ज लिया जा सकता है। निदेशक से निर्देश मिलने के बाद नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक पौने दो सौ से अधिक छोटे-बड़े कार्यालय यहां स्थित हैं। वहीं, अपर नगर आयुक्त का कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई शुरू कराई गई है।
निगम की आय में होगा करोड़ों का इजाफा
केंद्रीय कार्यालयों से यूजर चार्ज वसूलने के निर्देश से निगम की आय में करोड़ों का इजाफा होना तय है। झांसी में रेलवे, डाकघर, बीएसएन समेत अन्य संगठनों के बड़े कार्यालय हैं। सबसे अधिक संख्या में रेलवे के पास सम्पत्तियां हैं। उसकी कई कॉलोनियां यहां हैं। इन कॉलोनियों से अभी निगम को कोई आय नहीं होती। इस निर्देश के बाद निगम इन कॉलोनियों से यूजर चार्ज वसूल सकेगा हालांकि इनसे 50-33 फीसदी यूजर चार्ज ही लिया जा सकेगा। इसी तरह ग्रासलैंड, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, डाकघर, आयकर, वाणिज्यकर समेत कई बड़े कार्यालय यहां पर हैं। इनसे नगर निगम को सलाना करोड़ों रुपये की आय हो सकेगी।
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हाउसटैक्स नगर निगम की आय का मुख्य जरिया है। नगर निगम राज्य सरकार की इमारतों से तो हाउसटैक्स वसूली करता है लेकिन, केंद्र सरकार की इमारतें टैक्स नहीं देंती। केंद्र सरकार किसी भी कार्यालय के लिए कोई हाउसटैक्स अदा नहीं करती। पिछले करीब दस वर्षों से यह मामला विवादित था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। उसके बाद हाउसटैक्स की जगह यूजर चार्ज वसूलने पर सहमति बन गई। इससे नगर निगम की हर साल करोड़ों रुपये की आमदनी होगी। निदेशक की ओर से दिए गए निर्देश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की सभी सम्पत्तियों से सेवा प्रभार की वसूली की जाए। जो कार्यालय नगर निगम की सुविधाओं का पूरा इस्तेमाल करते हैं उनसे सम्पत्तिकर का 75 प्रतिशत यूजर चार्ज लेने को कहा गया। इसी तरह सुविधाओं के इस्तेमाल के आधार पर पचास प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक यूजर चार्ज लेने को कहा गया है। चूंकि अधिकांश कार्यालय शहरी इलाकों में ही स्थित हैं इस वजह से अधिकांश कार्यालयों से 75 फीसदी तक यूजर चार्ज लिया जा सकता है। निदेशक से निर्देश मिलने के बाद नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक पौने दो सौ से अधिक छोटे-बड़े कार्यालय यहां स्थित हैं। वहीं, अपर नगर आयुक्त का कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई शुरू कराई गई है।
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निगम की आय में होगा करोड़ों का इजाफा
केंद्रीय कार्यालयों से यूजर चार्ज वसूलने के निर्देश से निगम की आय में करोड़ों का इजाफा होना तय है। झांसी में रेलवे, डाकघर, बीएसएन समेत अन्य संगठनों के बड़े कार्यालय हैं। सबसे अधिक संख्या में रेलवे के पास सम्पत्तियां हैं। उसकी कई कॉलोनियां यहां हैं। इन कॉलोनियों से अभी निगम को कोई आय नहीं होती। इस निर्देश के बाद निगम इन कॉलोनियों से यूजर चार्ज वसूल सकेगा हालांकि इनसे 50-33 फीसदी यूजर चार्ज ही लिया जा सकेगा। इसी तरह ग्रासलैंड, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, डाकघर, आयकर, वाणिज्यकर समेत कई बड़े कार्यालय यहां पर हैं। इनसे नगर निगम को सलाना करोड़ों रुपये की आय हो सकेगी।
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