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अब सिर माथे पर पीसीसी सदस्य, वोटिंग से पहले घनघना रहे फोन
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झांसी। कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दो दावेदार आमने-सामने हैं। अध्यक्ष चुनने के लिए पीसीसी सदस्य ही वोटिंग करते हैं। ऐसे में इन सदस्यों के पास दावेदार और उनके समर्थकों के फोन घनघनाने लगे हैं। कई दशकों के बाद वोटिंग का मौका आने पर पीसीसी सदस्यों की अहमियत एकदम से बढ़ गई है।
कांग्रेस के देश भर में 9300 पीसीसी हैं। जबकि, यूपी से ही 1247 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। 13 फीसदी पीसीसी सदस्य उत्तर प्रदेश से ही होने की वजह से ये चुनाव के मद्देनजर बहुत अहम माना जा रहा है। चुनाव में चंद दिन ही बचे होने की वजह से अब दावेदारों, उनके प्रस्तावकों और समर्थकों के फोन पीसीसी सदस्यों के पास आने शुरू हो गए हैं। दावेदार अपना विजन बताते हुए सदस्यों से खुद के पक्ष में वोटिंग करने की अपील कर रहे हैं। झांसी समेत बुंदेलखंड के कई पीसीसी सदस्यों को सीधे अध्यक्ष पद के दावेदार मल्लिका अर्जुन खड़गे और शशि थरूर ने फोन किया है। वोट डालने को लेकर पीसीसी सदस्य भी बेहद उत्साहित हैं। इनमें कई ऐसे सदस्य भी हैं, जिन्हें कई सालों तक पद पर रहने के बाद इस बार वोट डालने का मौका मिल रहा है।
शीर्ष नेतृत्व से अब तक नहीं आया कोई निर्देश
दावेदारों के कार्यालय भी दिल्ली में तैयार हो गए हैं, जहां से वो और उनके समर्थक कन्वेसिंग कर रहे हैं। प्रदेश महासचिव राहुल रिछारिया ने बताया कि चुनाव पूरी पारदर्शिता से हो रहा है। शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई भी निर्देश नहीं आया है। पीसीसी सदस्यों को अपनी पसंद का नेता चुनने की पूरी छूट है।
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भाजपा ने तो अपनी मनमर्जी से राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया। मगर कांग्रेस में लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष का चुनाव किया जा रहा है। - प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री।
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कांग्रेस के देश भर में 9300 पीसीसी हैं। जबकि, यूपी से ही 1247 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। 13 फीसदी पीसीसी सदस्य उत्तर प्रदेश से ही होने की वजह से ये चुनाव के मद्देनजर बहुत अहम माना जा रहा है। चुनाव में चंद दिन ही बचे होने की वजह से अब दावेदारों, उनके प्रस्तावकों और समर्थकों के फोन पीसीसी सदस्यों के पास आने शुरू हो गए हैं। दावेदार अपना विजन बताते हुए सदस्यों से खुद के पक्ष में वोटिंग करने की अपील कर रहे हैं। झांसी समेत बुंदेलखंड के कई पीसीसी सदस्यों को सीधे अध्यक्ष पद के दावेदार मल्लिका अर्जुन खड़गे और शशि थरूर ने फोन किया है। वोट डालने को लेकर पीसीसी सदस्य भी बेहद उत्साहित हैं। इनमें कई ऐसे सदस्य भी हैं, जिन्हें कई सालों तक पद पर रहने के बाद इस बार वोट डालने का मौका मिल रहा है।
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शीर्ष नेतृत्व से अब तक नहीं आया कोई निर्देश
दावेदारों के कार्यालय भी दिल्ली में तैयार हो गए हैं, जहां से वो और उनके समर्थक कन्वेसिंग कर रहे हैं। प्रदेश महासचिव राहुल रिछारिया ने बताया कि चुनाव पूरी पारदर्शिता से हो रहा है। शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई भी निर्देश नहीं आया है। पीसीसी सदस्यों को अपनी पसंद का नेता चुनने की पूरी छूट है।
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भाजपा ने तो अपनी मनमर्जी से राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया। मगर कांग्रेस में लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष का चुनाव किया जा रहा है। - प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री।