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अब रात में बिजली खराब हुई तो देर में सुधरेगी
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झांसी। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सबस्टेशनों पर संविदा कर्मियों की तैनाती का ठेका इंदौर व मोहाली की एक कंपनी को दे दिया है। दोनों कंपनियों ने महानगर व जिले के 48 सबस्टेशनों से करीब तीन सौ संविदा कर्मियों को हटाने का फैसला लिया है। कंपनी के इस कदम से संविदा कर्मी परेशान हैं। इससे मेंटेनेंस का काम भी लड़खड़ा सकता है। रात में फॉल्ट होने पर सही होने में अधिक समय लगेगा।
बिजली सबस्टेशनों पर मेंटेनेंस काम के लिए ठेकेदार के संविदा कर्मचारियों की तैनाती है। यह कर्मचारी सबस्टेशन और लाइन मेंटेनेंस, फाल्ट ठीक करने, पेड़ काटने, नए कनेक्शन में मीटर लगाने जैसे सभी काम करते हैं। अभी तक हर सबस्टेशन पर 18 से 20 कर्मचारी तैनात थे, जिनको पांच गैंग में बांट रखा था। एक गैंग में एक लाइनमैन और दो कुली रहते थे। इनमें दो-दो गैंग सुबह और दिन की पाली और एक गैंग रात की पाली में तैनात रहती थी। बचे कर्मचारी कनेक्शन काटने की टीम में लगे थे।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने एक अप्रैल से शहर के 17 सबस्टेशनों के मेंटेनेंस का ठेका इंदौर व ग्रामीण क्षेत्र के 31 सबस्टेशनों का ठेका मोहाली चंडीगढ़ की कंपनी को दे दिया है। लॉकडाउन के चलते ये कंपनियां वक्त पर अपना कार्य नहीं संभाल सकीं। इन कंपनियों ने काम संभालते ही अब प्रत्येक सबस्टेशन से छह- छह संविदा कर्मचारियों को हटाने का फैसला ले लिया है। जो कर्मचारी रखे जाएंगे, उनकी सूची तैयार कर ली गई है।
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कर्मचारियों की कमी के कारण मेंटेनेंस काम में दिक्कतें शुरू हो सकतीं हैं। एक से ज्यादा फाल्ट आने पर उनको ठीक करने में वक्त लगेगा। बाकी अन्य कामों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। इस बदलाव से तीन सौ से अधिक संविदा कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं।
- नए टेंडर के हिसाब से एक टीम में चार की जगह तीन संविदा कर्मचारी रखे जाएंगे। इस कारण यह छंटनी की जा रही है। हां, इससे दिक्कतें बढ़ सकतीं हैं। हर गैंग में दोबारा वही संख्या बनी रहे। इसके लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी संविदा कर्मियों को वापस ले लिया जाएगा। - जेपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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बिजली सबस्टेशनों पर मेंटेनेंस काम के लिए ठेकेदार के संविदा कर्मचारियों की तैनाती है। यह कर्मचारी सबस्टेशन और लाइन मेंटेनेंस, फाल्ट ठीक करने, पेड़ काटने, नए कनेक्शन में मीटर लगाने जैसे सभी काम करते हैं। अभी तक हर सबस्टेशन पर 18 से 20 कर्मचारी तैनात थे, जिनको पांच गैंग में बांट रखा था। एक गैंग में एक लाइनमैन और दो कुली रहते थे। इनमें दो-दो गैंग सुबह और दिन की पाली और एक गैंग रात की पाली में तैनात रहती थी। बचे कर्मचारी कनेक्शन काटने की टीम में लगे थे।
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने एक अप्रैल से शहर के 17 सबस्टेशनों के मेंटेनेंस का ठेका इंदौर व ग्रामीण क्षेत्र के 31 सबस्टेशनों का ठेका मोहाली चंडीगढ़ की कंपनी को दे दिया है। लॉकडाउन के चलते ये कंपनियां वक्त पर अपना कार्य नहीं संभाल सकीं। इन कंपनियों ने काम संभालते ही अब प्रत्येक सबस्टेशन से छह- छह संविदा कर्मचारियों को हटाने का फैसला ले लिया है। जो कर्मचारी रखे जाएंगे, उनकी सूची तैयार कर ली गई है।
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कर्मचारियों की कमी के कारण मेंटेनेंस काम में दिक्कतें शुरू हो सकतीं हैं। एक से ज्यादा फाल्ट आने पर उनको ठीक करने में वक्त लगेगा। बाकी अन्य कामों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। इस बदलाव से तीन सौ से अधिक संविदा कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं।
- नए टेंडर के हिसाब से एक टीम में चार की जगह तीन संविदा कर्मचारी रखे जाएंगे। इस कारण यह छंटनी की जा रही है। हां, इससे दिक्कतें बढ़ सकतीं हैं। हर गैंग में दोबारा वही संख्या बनी रहे। इसके लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी संविदा कर्मियों को वापस ले लिया जाएगा। - जेपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता।