{"_id":"6126a4188ebc3e79b473287b","slug":"now-it-will-not-be-easy-to-burn-stolen-electricity-jhansi-news-jhs2027447151","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आसान नहीं होगा चोरी की बिजली जलाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आसान नहीं होगा चोरी की बिजली जलाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। यदि आपके घर में बिजली कनेक्शन एक किलोवाट का है और खपत दो किलोवाट की तो आपका बिजली कनेक्शन चिह्नित हो जाएगा और बिजली विभाग लोड बढ़ा देगा। इसके लिए महानगर के सभी बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन और ट्रांसफार्मरों की डिटेल कंप्यूटराइज्ड की जा रही है। इससे बिजली चोरी स्वत: ही कम हो जाएगी।
महानगर में बिजली आपूर्ति के लिए दो अलग-अलग खंड बने हुए हैं। इसमें से एक खंड में 63214 बिजली के कनेक्शन हैं, जबकि दूसरे खंड में 61 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। विभाग द्वारा तमाम प्रयास करने के बाद भी बिजली चोरी नहीं रुक रही है। इसलिए अब विभाग ने ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता के कनेक्शन को कंप्यूटराइज्ड करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत सभी बिजली उपभोक्ताओं की पूरी डिटेल कंप्यूटराइज्ड की जा रही है। इसी के साथ यह भी कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है कि किस ट्रांसफार्मर से किस उपभोक्ता का कनेक्शन है। उस ट्रांसफार्मर से कितने किलोवाट के और कितने लोगों के कनेक्शन हैं। यानि, ट्रांसफार्मर की क्षमता कितनी है और उस पर कितनी क्षमता के कनेक्शन हैं।
कँप्यूटराइज्ड टैगिंग हो जाने के बाद ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर से पता चल जाएगा कि उससे कितनी बिजली की खपत हो रही है और कनेक्शन कितनी खपत के हैं। यही नहीं, इससे यह भी पता चल जाएगा कि कौन सा बिजली उपभोक्ता कितनी बिजली की खपत कर रहा है। टैगिंग सिस्टम से सभी उपभोक्ताओं के जुड़ जाने से बिजली चोरी कर पाना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लागू हो जाने से ट्रांसफार्मर पर एक- एक उपभोक्ता द्वारा खर्च की जा रही बिजली के बारे में पता चल जाएगा। इससे बिजली की खपत का मिलान करने में आसानी रहेगी।
विज्ञापन
यहां भी हो रहा काम
मोंठ, समथर, बबीना, चिरगांव, कटेरा और रानीपुर में भी बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन और ट्रांसफार्मरों की डिटेल कंप्यूटराइज्ड की जा रही है।
ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता के कनेक्शन को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। करीब सवा लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 80 प्रतिशत काम हो गया है। काम कंपलीट होने के बाद बिजली चोरी पर लगाम लगेगी। लाइन लॉस 30 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगा। - डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता
नौ लोग बिजली चोरी करते पकड़े, मीटर टैंपर्ड करने वालों पर नजर
झांसी। बिजली चेकिंग के दौरान मीटर टैंपर्ड करने के मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को रानीमहल क्षेत्र में हुई चेकिंग के दौरान नौ लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु के निर्देश पर चेकिंग के दौरान 20 बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए गए। तीन मीटर उखाड़ लिए गए। जेल चौराहा क्षेत्र के दस हजार रुपये से अधिक के छह सौ बकाएदारों की आरसी जारी कर वसूली की तैयारी है। चेकिंग के दौरान पता चला कि बहुत से लोगों के मीटर टैंपर्ड करा लिए हैं, जिससे स्लो चल रहे हैं और बिजली का बिल कम आ रहा है। मीटर टैंपर्ड करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। इस मौके पर एसडीओ पुरुषोत्तम सिंह राणा, अवर अभियंता उमेश राजन, संविदा स्टाफ और पुलिस बल साथ रहा।
विज्ञापन
महानगर में बिजली आपूर्ति के लिए दो अलग-अलग खंड बने हुए हैं। इसमें से एक खंड में 63214 बिजली के कनेक्शन हैं, जबकि दूसरे खंड में 61 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। विभाग द्वारा तमाम प्रयास करने के बाद भी बिजली चोरी नहीं रुक रही है। इसलिए अब विभाग ने ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता के कनेक्शन को कंप्यूटराइज्ड करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत सभी बिजली उपभोक्ताओं की पूरी डिटेल कंप्यूटराइज्ड की जा रही है। इसी के साथ यह भी कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है कि किस ट्रांसफार्मर से किस उपभोक्ता का कनेक्शन है। उस ट्रांसफार्मर से कितने किलोवाट के और कितने लोगों के कनेक्शन हैं। यानि, ट्रांसफार्मर की क्षमता कितनी है और उस पर कितनी क्षमता के कनेक्शन हैं।
विज्ञापन
कँप्यूटराइज्ड टैगिंग हो जाने के बाद ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर से पता चल जाएगा कि उससे कितनी बिजली की खपत हो रही है और कनेक्शन कितनी खपत के हैं। यही नहीं, इससे यह भी पता चल जाएगा कि कौन सा बिजली उपभोक्ता कितनी बिजली की खपत कर रहा है। टैगिंग सिस्टम से सभी उपभोक्ताओं के जुड़ जाने से बिजली चोरी कर पाना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लागू हो जाने से ट्रांसफार्मर पर एक- एक उपभोक्ता द्वारा खर्च की जा रही बिजली के बारे में पता चल जाएगा। इससे बिजली की खपत का मिलान करने में आसानी रहेगी।
विज्ञापन
यहां भी हो रहा काम
मोंठ, समथर, बबीना, चिरगांव, कटेरा और रानीपुर में भी बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन और ट्रांसफार्मरों की डिटेल कंप्यूटराइज्ड की जा रही है।
ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता के कनेक्शन को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। करीब सवा लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 80 प्रतिशत काम हो गया है। काम कंपलीट होने के बाद बिजली चोरी पर लगाम लगेगी। लाइन लॉस 30 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगा। - डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता
नौ लोग बिजली चोरी करते पकड़े, मीटर टैंपर्ड करने वालों पर नजर
झांसी। बिजली चेकिंग के दौरान मीटर टैंपर्ड करने के मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को रानीमहल क्षेत्र में हुई चेकिंग के दौरान नौ लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु के निर्देश पर चेकिंग के दौरान 20 बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए गए। तीन मीटर उखाड़ लिए गए। जेल चौराहा क्षेत्र के दस हजार रुपये से अधिक के छह सौ बकाएदारों की आरसी जारी कर वसूली की तैयारी है। चेकिंग के दौरान पता चला कि बहुत से लोगों के मीटर टैंपर्ड करा लिए हैं, जिससे स्लो चल रहे हैं और बिजली का बिल कम आ रहा है। मीटर टैंपर्ड करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। इस मौके पर एसडीओ पुरुषोत्तम सिंह राणा, अवर अभियंता उमेश राजन, संविदा स्टाफ और पुलिस बल साथ रहा।