फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   now ecg chekup in emergency ward

अब इमरजेंसी में होगी ईसीजी की जांच

Sat, 08 Dec 2018 12:31 AM IST
jhansi
jhansi Updated Sat, 08 Dec 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
now ecg chekup in emergency ward
medical colege jhansi - फोटो : demo
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भी अब ईसीजी (इलेक्ट्रो कार्डियोग्राफी) की जांच होगी। इसके लिए स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘अमर उजाला’ द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद हरकत में आए कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी में बुधवार से ईसीजी जांच की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन

किसी भी मरीज को दिल से संबंधित बीमारी होने पर उसकी ईसीजी जांच करानी बेहद जरूरी होती है। जांच के आधार पर ही डॉक्टर इलाज करते हैं। अब तक मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ईसीजी जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ओपीडी समय के बाद किसी भी मरीज के आने पर उसे निजी केंद्रों पर ईसीजी जांच कराने के लिए जाना पड़ता है। निजी केंद्र ये जांच करने के बदले में मरीज से मनमानी फीस वसूलते हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार मेडिकल कॉलेज में ईसीजी जांच 24 घंटे होनी चाहिए। इसके अलावा हर वार्ड में ईसीजी की मशीन रखी होनी चाहिए मगर मौजूदा समय में सिर्फ मेडिसिन वार्ड में ही ईसीजी की मशीन उपलब्ध है। ओपीडी समय में ही मरीजों की ये जांच की जाती है। इमरजेंसी में ईसीजी जांच न होने को लेकर ‘अमर उजाला’ ने पांच दिसंबर के अपने अंक में ‘धड़कन जांच’ में हृदय रोगियों से खिलवाड़’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की नींद टूटी और इमरजेंसी में भी ईसीजी जांच की सुविधा शुरू कराने का फैसला लिया है। इसके लिए शनिवार से दो स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आगामी बुधवार से इमरजेंसी में 24 घंटे ईसीजी जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

नियमानुसार जेआर, ईएमओ को करनी चाहिए जांच
कॉलेज प्रशासन इमरजेंसी, सभी वार्डों में ईसीजी की जांच न होने के पीछे टेक्नीशियन की कमी का हवाला दे रहा है। मगर नियमानुसार जूनियर डॉक्टर और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) को ईसीजी की जांच करनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग में 25 जूनियर डॉक्टर और चार ईएमओ हैं। इसके बावजूद इनसे जांच नहीं कराई जाती है। इसके पीछे कॉलेज प्रशासन का तर्क है कि काम का लोड होने के चलते जूनियर डॉक्टर, ईएमओ के पास ईसीजी जांच करने का समय नहीं रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने बैठक कर इमरजेंसी में ईसीजी जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। शनिवार से दो स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 12 दिसंबर से इमरजेंसी में ईसीजी की जांच शुरू हो जाएगी। डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed