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300 बैंक शाखाओं को थमाए नोटिस
jhansi
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:00 AM IST
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300 बैंक शाखाओं को थमाए नोटिस
- फोटो : demo
झांसी। बैंकों द्वारा ढाई लाख के ऊपर की एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) वसूली न होने पर आयकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र के तीन सौ बैंक शाखाओं को नोटिस जारी कर टीडीएस वसूली न होने पर जवाब मांगा है।
बैंक में अगर आपने ढाई लाख रुपये से अधिक की एफडी (फिक्स डिपॉजिट) करा रखी है, तो बैंक का दायित्व है कि उसे एफडी पर साल भर में ग्राहक को जो ब्याज मिला उस पर दस प्रतिशत इनकम टैक्स की कटौती करनी चाहिए। उदाहरँ के तौर पर यदि किसी ग्राहक को पांच लाख की एफडी पर एक साल में लगभग 38 हजार रुपये ब्याज मिला है तो बैंक प्रबंधन को ब्याज भुगतान से 3800 रुपये इनकम टैक्स काट कर आयकर विभाग में जमा करने चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीन लाख से ऊपर की एफडी में यह नियम लागू है। साथ ही जिस ग्राहक के पास पैन (परमानेंट एकाउंट नंबर) नहीं है, उसको एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर बीस प्रतिशत टैक्स कटौती करके आयकर विभाग में जमा किया जाना चाहिए।
पिछले दिनों आयकर अधिकारी (टीडीएस) आरएन वर्मा ने पंजाब नेशनल बैंक की सिटी ब्रांच, यूनियन बैंक सिविल लाइन व इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा में सर्वे के दौरान पाया था कि इन बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों से फार्म 15(जी) व सामान्य ग्राहकों से 15 (एच) भरवा रखे हैं, मगर एफडी पर टैक्स की कटौती नहीं कर रहे हैं। इसमें बैंक मैनेजर की लापरवाही पाई गई थी। भविष्य में अन्य बैंक यह गलती न दोहराएं, इसके लिए आयकर विभाग ने झांसी व ललितपुर परिक्षेत्र में स्थित तीन सौ बैंकों को नोटिस भेजकर एफडी पर टैक्स जमा करने की जानकारी मांगी है।
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आयकर अधिनियम में यह प्रावधान किया हुआ है कि यदि ग्राहक फार्म 15 जी और 15 एच भरकर देता है तो उससे टीडीएस नहीं वसूल सकते। ग्राहक वाजिब कर जमा करने के लिए खुद जिम्मेदार होता है। अन्य ग्राहकों से बैंक नियमानुसार टीडीएस लेकर आयकर विभाग में जमा कर रहा है।
सुनील श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, झांसी।
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बैंक में अगर आपने ढाई लाख रुपये से अधिक की एफडी (फिक्स डिपॉजिट) करा रखी है, तो बैंक का दायित्व है कि उसे एफडी पर साल भर में ग्राहक को जो ब्याज मिला उस पर दस प्रतिशत इनकम टैक्स की कटौती करनी चाहिए। उदाहरँ के तौर पर यदि किसी ग्राहक को पांच लाख की एफडी पर एक साल में लगभग 38 हजार रुपये ब्याज मिला है तो बैंक प्रबंधन को ब्याज भुगतान से 3800 रुपये इनकम टैक्स काट कर आयकर विभाग में जमा करने चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीन लाख से ऊपर की एफडी में यह नियम लागू है। साथ ही जिस ग्राहक के पास पैन (परमानेंट एकाउंट नंबर) नहीं है, उसको एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर बीस प्रतिशत टैक्स कटौती करके आयकर विभाग में जमा किया जाना चाहिए।
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पिछले दिनों आयकर अधिकारी (टीडीएस) आरएन वर्मा ने पंजाब नेशनल बैंक की सिटी ब्रांच, यूनियन बैंक सिविल लाइन व इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा में सर्वे के दौरान पाया था कि इन बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों से फार्म 15(जी) व सामान्य ग्राहकों से 15 (एच) भरवा रखे हैं, मगर एफडी पर टैक्स की कटौती नहीं कर रहे हैं। इसमें बैंक मैनेजर की लापरवाही पाई गई थी। भविष्य में अन्य बैंक यह गलती न दोहराएं, इसके लिए आयकर विभाग ने झांसी व ललितपुर परिक्षेत्र में स्थित तीन सौ बैंकों को नोटिस भेजकर एफडी पर टैक्स जमा करने की जानकारी मांगी है।
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आयकर अधिनियम में यह प्रावधान किया हुआ है कि यदि ग्राहक फार्म 15 जी और 15 एच भरकर देता है तो उससे टीडीएस नहीं वसूल सकते। ग्राहक वाजिब कर जमा करने के लिए खुद जिम्मेदार होता है। अन्य ग्राहकों से बैंक नियमानुसार टीडीएस लेकर आयकर विभाग में जमा कर रहा है।
सुनील श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, झांसी।