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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Not listening to the public 'government'

जनता की नहीं सुन रही ‘सरकार’

Tue, 13 Oct 2015 01:24 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Tue, 13 Oct 2015 01:24 AM IST
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झांसी। अनदेखी के चलते झांसी जन सुविधा केंद्र (जेजेएसके) हाशिये पर पहुंच गया है। यहां दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण में विभाग रुचि नहीं ले रहे हैं। वर्तमान में यहां विभिन्न विभागों की 4,568 समस्याएं अपने समाधान की बाट जोह रही हैं। बावजूद, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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झांसी जन सुविधा केंद्र की शुरुआत 10 जून 2009 को हुई थी। शुरुआत में यहां तीन शिफ्टों में काम होता था तथा चौबीस घंटे फोन पर शिकायतें दर्ज होती थीं, जिनका संबंधित विभाग त्वरित गति से निस्तारण करते थे। लेकिन, प्रशासनिक तंत्र की अनदेखी के चलते आम आदमी का यह बड़ा सहारा अब हाशिये पर चला गया है। अब यहां सोलह घंटे प्रात: आठ से रात 12 बजे तक शिकायतें तो दर्ज की जा रही हैं और उन्हें संबंधित विभागों को प्रेषित भी किया जा रहा है, लेकिन विभाग निस्तारण में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे यहां डिफाल्टर शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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उदासीनता में यह हैं टॉप फाइव
झांसी। जेजेएसके में लंबित शिकायतों में सर्वाधिक जल संस्थान की 669 हैं। इसके अलावा नगर निगम से संबंधित 368 समस्याएं अपने निस्तारण की बाट जोह रही हैं। इनमें 300 सफाई व 68 स्ट्रीट लाइट संबंधी हैं। समाज कल्याण विभाग की 293, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय  की 273 तथा विद्युत वितरण खंड  प्रथम व द्वितीय की 248 समस्याएं लंबित पड़ी हुई हैं।
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‘जेजेएसके में लंबित शिकायतों से संबंधित विभागों की सूची बनाई जा रही है। उदासीन विभागों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। समस्याएं निस्तारित न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।’
- आर पर मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट /प्रभारी अधिकारी - जेजेएसके
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