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Jhansi News: ठंडा पानी न कूलर, बेसिक के स्कूलों में गर्म हवा फेंक रहे पंखे
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रचंड गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। अब लू भी चलने लगी है। बीएसए ने 17 अप्रैल को पत्र जारी कर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को गर्मी के मद्देनजर स्कूलों में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे।
बीएसए ने कहा था कि बच्चों को लू लगने की आशंका अधिक रहती है। इसके लिए सभी विद्यालयों में शीतल और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होनी है। कक्षा कक्ष में कूलर / पंखे की व्यवस्था करनी है। विद्यालय में पैरासिटामोल की दवा और ओआरएस रखें।
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अमर उजाला ने मंगलवार को स्कूलों की पड़ताल की तो सिर्फ एक जगह कुछ ही कक्षाओं में कूलर रखे मिले। कहीं भी वाटर कूलर नहीं था। एक विद्यालय में जलापूर्ति भी प्रभावित मिली।
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दृश्य-1
बजट ही नहीं, कैसे खरीदें कूलर
दोपहर 12:50 बजे पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय डीसी तालपुरा में पंखे तो सभी कक्षाओं में चलते मिले मगर कहीं कूलर नहीं था। स्कूल में ओआरएस का पैकेट तो था मगर बुखार के लिए पैरासिटामोल दवा नहीं थी। सफाई कर्मचारी नहीं है। बताया गया कि स्कूल में पिछले साल अक्तूबर में वार्षिक खर्च के लिए 75 हजार रुपये मिले थे, जो कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर पिछले महीने तक खर्च कर लिए गए। ऐसे में विद्यालय के पास अब कूलर खरीदने के लिए पैसा नहीं है।
दृश्य-2
विद्यालय में कूलर नहीं, पंखे नहीं दे पा रहे ठंडक
दोपहर 01:15 बजे कंपोजिट विद्यालय परिषदीय आदर्श में भी सभी पंखे चालू थे। विद्यालय में विद्यार्थी पढ़ाई करते हुए मिले। मगर किसी भी कक्षा में कूलर नहीं था। स्कूल के आसपास खुला मैदान होने से गर्म हवा आ रही थी। इससे पंखा की हवा भी गर्म लग रही थी। स्कूल के स्टाफ ने बताया कि विद्यालय में कोई भी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। इसके अलावा वाटर कूलर भी नहीं है। स्कूल में ओआरएस से लेकर बुखार तक की पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध थीं।
दृश्य-3
दो कक्षाओं में मिला कूलर, पानी भी नहीं आया
दोपहर 1:45 बजे कंपोजिट विद्यालय नई बस्ती में दो कक्षाओं में तो कूलर मिले। मगर बाकी कक्षाओं में पंखे ही थे। चूंकि, तीन स्कूलों को मर्ज करके कंपोजिट स्कूल बनाया है। ऐसे में एक स्कूल की प्रधानाचार्य ने पहले ही ग्रांट से कूलर खरीद लिए थे। स्टाफ ने बताया कि यहां पर अक्सर जलापूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसे में रसोइया को आधा किलोमीटर दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ता है। स्कूल में पीछे की तरफ चहारदीवारी भी टूटी है। इसके अलावा पाइप लाइन को भी अक्सर कुछ लोग तोड़ देते हैं। मंगलवार को भी स्कूल में पानी नहीं आया।
वर्जन..
कई स्कूलों में कूलर और वाटर कूलर है। जहां नहीं है, वहां पर प्रधानाचार्यों को खरीदने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में स्कूलों को ग्रांट मिलती है। - विपुल शिव सागर, बीएसए।
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गर्मी में स्कूलों में घट गई छात्रों की उपस्थिति
गर्मी के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कहीं 15 तो कहीं 20 फीसदी तक छात्रों की उपस्थिति कम हो गई है। स्कूलों के शिक्षकों ने कहा कि दोपहर में स्कूल बंद होते समय धूप काफी तेज हो जाती है। ऐसे में कई अभिभावक अपने बच्चों को गर्मी के चलते स्कूल नहीं भेज रहे हैं।