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निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी, पुलिस ने इतनी जल्दबाजी में क्यों की कार्रवाई?
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झांसी। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दतावली गांव में शुक्रवार को हुई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। विधायकों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी। पुलिस ने इतनी जल्दबाजी में क्यों कार्रवाई की? विधायक के सामने से पकड़कर ले जाना तो सरासर गलत है। इस मामले में दोषी पुलिस अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। विधायकों का कहना है कि गरौठा विधायक निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे थे। घटना की पूरी वीडियोग्राफी है। जिन्हें पुलिस ने पकड़ा वे निर्दोष हैं, जबकि मतपेटियां फेंकने वालों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। विधायकों का यह भी कहना है कि अब उनकी निगाह तीन दिन में पूरी होने वाली जांच पर है।
ये बोले विधायक
जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं हो। विधायकों का काम ही निर्दोष और जरूरतमंदों की आवाज उठाना है। हमें किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देना चाहिए। यही सरकार की मंशा है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो। बेकसूर को सजा न मिले और दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो। - रवि शर्मा, विधायक सदर।
गरौठा विधायक के पास मौजूद लोग कोई पेशेवर अपराधी नहीं थे। वोटिंग के दौरान झगड़ा हुआ है। जिन्होंने मतपेटियां फेंकी हैं, वे दूसरे हैं। पुलिस ने निर्दोषों को मुजरिम बना दिया। गरौठा विधायक को धरना मजबूरी में देना पड़ा। पुलिस ने गलती को स्वीकारा भी है। जिन्हें जेल भेजा, उनका भी घटना से कोई लेनादेना नहीं है। - राजीव सिंह पारीछा, विधायक बबीना।
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रात में ही डीएम और एसएसपी से बात की थी। विधायक के सामने से लोगों को उठाकर ले जाना सरासर गलत है। गरौठा विधायक भी जांच के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस को किस बात की इतनी जल्दी थी कि विधायक के सामने से लोगों को पकड़ कर ले गए। निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए थी। - बिहारी लाल आर्या, विधायक मऊरानीपुर।
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ये बोले विधायक
जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं हो। विधायकों का काम ही निर्दोष और जरूरतमंदों की आवाज उठाना है। हमें किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देना चाहिए। यही सरकार की मंशा है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो। बेकसूर को सजा न मिले और दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो। - रवि शर्मा, विधायक सदर।
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गरौठा विधायक के पास मौजूद लोग कोई पेशेवर अपराधी नहीं थे। वोटिंग के दौरान झगड़ा हुआ है। जिन्होंने मतपेटियां फेंकी हैं, वे दूसरे हैं। पुलिस ने निर्दोषों को मुजरिम बना दिया। गरौठा विधायक को धरना मजबूरी में देना पड़ा। पुलिस ने गलती को स्वीकारा भी है। जिन्हें जेल भेजा, उनका भी घटना से कोई लेनादेना नहीं है। - राजीव सिंह पारीछा, विधायक बबीना।
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रात में ही डीएम और एसएसपी से बात की थी। विधायक के सामने से लोगों को उठाकर ले जाना सरासर गलत है। गरौठा विधायक भी जांच के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस को किस बात की इतनी जल्दी थी कि विधायक के सामने से लोगों को पकड़ कर ले गए। निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए थी। - बिहारी लाल आर्या, विधायक मऊरानीपुर।