{"_id":"635047022456b920fc087d20","slug":"nisad-samaj-shikar-jhansi-news-jhs231282133","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीति का शिकार होता रहा निषाद समाज: संजय निषाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीति का शिकार होता रहा निषाद समाज: संजय निषाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। प्रदेश के मत्स्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने कहा कि समाज के लोग राजनीति के शिकार होते रहे, लेकिन भाजपा ने उन्हें सम्मान देने का काम किया है। इसी का नतीजा है कि अब समाज का नाम सभी की जुबान पर है।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि केंद्र ने पहली बार मत्स्य मंत्रालय अलग बनाया है। मछुआरों के लिए कल्याण कोष की स्थापना की गई है, इसमें 25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने विकास कार्य एवं कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की, जिसमें उन्होंने मत्स्य पालकों के केसीसी योजना के अंतर्गत आवेदन लंबित होने पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि जन सामान्य की शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जाए। इसके अलावा अन्य दिशा निर्देश भी दिए।
इस मौके पर ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर समेत जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, एमएलसी रमा निरंजन, डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी राजेश एस, सीडीओ जुनैद अहमद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि केंद्र ने पहली बार मत्स्य मंत्रालय अलग बनाया है। मछुआरों के लिए कल्याण कोष की स्थापना की गई है, इसमें 25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने विकास कार्य एवं कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की, जिसमें उन्होंने मत्स्य पालकों के केसीसी योजना के अंतर्गत आवेदन लंबित होने पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि जन सामान्य की शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जाए। इसके अलावा अन्य दिशा निर्देश भी दिए।
विज्ञापन
इस मौके पर ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर समेत जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, एमएलसी रमा निरंजन, डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी राजेश एस, सीडीओ जुनैद अहमद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन