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नए चिकित्सा शिक्षक किए नियुक्त, सीटों की मांगी मान्यता
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एमएस सर्जरी की सभी सीटों की मान्यता की कवायद फिर शुरू हो गई है। कॉलेज ने नई यूनिट तैयार कर प्रस्ताव नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) को भेज दिया है। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि अब मानक अनुसार चिकित्सा शिक्षक यूनिट में शामिल किए गए हैं। जल्द मान्यता मिल जाएगी।
2017-18 से पहले मेडिकल कॉलेज में एमएस सर्जरी की छह सीटें हुआ करती थीं। जिसे सरकार की अनुमति के बाद बढ़ाकर 12 कर दिया गया। जनवरी 2021 को नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने सर्जरी विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों, परीक्षा से संबंधित मानकों का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट काउंसिल को सौंपी। रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया कि सर्जरी विभाग के दो प्रोफेसरों के शोध पत्र कम प्रकाशित हुए हैं। इस कारण बढ़ी हुई सीटों को मान्यता नहीं दी जा सकती है। साथ ही पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजूकेशन बोर्ड ने प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा कि आगे से बढ़ी हुई सीटों पर कतई प्रवेश न लिए जाएं। यदि ऐसा किया जाता है तो ये गैरकानूनी होगा। अब इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया है। कॉलेज ने चौथी यूनिट में नए चिकित्सा शिक्षकों को शामिल कर लिया है। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि नए चिकित्सा शिक्षकों के शोधपत्र पूरे हैं और ये मानकों पर खरे हैं। प्रस्ताव एनएमसी को भेजकर सभी सीटों पर मान्यता देने की मांग की गई है।
सर्जरी विभाग की चार यूनिट हैं। चौथी यूनिट में दो चिकित्सा शिक्षकों को शामिल किया गया है। जो एनएमसी के मानक के अनुसार ही हैं। प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही एनएमसी से सभी 12 सीटों को अधिकृत करते हुए प्रवेश की अनुमति मिलने की उम्मीद है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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2017-18 से पहले मेडिकल कॉलेज में एमएस सर्जरी की छह सीटें हुआ करती थीं। जिसे सरकार की अनुमति के बाद बढ़ाकर 12 कर दिया गया। जनवरी 2021 को नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने सर्जरी विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों, परीक्षा से संबंधित मानकों का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट काउंसिल को सौंपी। रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया कि सर्जरी विभाग के दो प्रोफेसरों के शोध पत्र कम प्रकाशित हुए हैं। इस कारण बढ़ी हुई सीटों को मान्यता नहीं दी जा सकती है। साथ ही पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजूकेशन बोर्ड ने प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा कि आगे से बढ़ी हुई सीटों पर कतई प्रवेश न लिए जाएं। यदि ऐसा किया जाता है तो ये गैरकानूनी होगा। अब इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया है। कॉलेज ने चौथी यूनिट में नए चिकित्सा शिक्षकों को शामिल कर लिया है। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि नए चिकित्सा शिक्षकों के शोधपत्र पूरे हैं और ये मानकों पर खरे हैं। प्रस्ताव एनएमसी को भेजकर सभी सीटों पर मान्यता देने की मांग की गई है।
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सर्जरी विभाग की चार यूनिट हैं। चौथी यूनिट में दो चिकित्सा शिक्षकों को शामिल किया गया है। जो एनएमसी के मानक के अनुसार ही हैं। प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही एनएमसी से सभी 12 सीटों को अधिकृत करते हुए प्रवेश की अनुमति मिलने की उम्मीद है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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