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नए शासनादेश का इंतजार, पचहत्तर फीसदी सीटों की बदलेगी सियासत
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झांसी। पंचायत चुनावों के विभिन्न पदों का आरक्षण तय करने का आधार वर्ष बदलने से जनपद की पचहत्तर फीसदी सीटों की सियासी तस्वीर बदलना तय है हालांकि यह तस्वीर नए शासनादेश के आने के बाद ही साफ होगी। अफसरों को उम्मीद है नया शासनादेश बुधवार तक आ जाएगा।
दो मार्च को तय हुए विभिन्न पदों के आरक्षण के बाद से पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई थी। सीटों के मुताबिक उम्मीदवारों ने अपना प्रचार भी शुरू कर दिया था लेकिन, यकायक हाईकोर्ट के निर्णय ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब फिर से नई आरक्षण सूची तैयार की जानी है। वर्ष 2015 को आधार वर्ष बनाते हुए सीटों को आरक्षित किया जाना है। जानकारों का कहना है कि आधार वर्ष बदले जाने से पहले आरक्षित सीटोें में पचहत्तर फीसदी तक सीटें बदल जाएंगी। यह करीब तय है कि पिछले चुनाव में जिस वर्ग को सीट आरक्षित हुई थी, वह उनको इस बार नहीं दी जाएगी। ग्राम प्रधानों की सीटें ब्लॉक वार ही आरक्षित की जाएंगी। ग्राम प्रधान की 496 सीटों में अनुसूचित जनजाति (महिला) को एक, अनुसूचित जनजाति को एक, अनुसूचित जाति(महिला) को 43, अनुसूचित जाति को 77, पिछड़ा (महिला) 47, पिछड़ा को 86, महिला 76 एवं सामान्य वर्ग को 165 सीटें आवंटित हुईं हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या यथावथ रहेगी। इनके स्थान में बदलाव होगा। हाईकोर्ट के निर्देश पर यह आरक्षण भी 27 मार्च तक पूरा करना होगा।
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दो मार्च को तय हुए विभिन्न पदों के आरक्षण के बाद से पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई थी। सीटों के मुताबिक उम्मीदवारों ने अपना प्रचार भी शुरू कर दिया था लेकिन, यकायक हाईकोर्ट के निर्णय ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब फिर से नई आरक्षण सूची तैयार की जानी है। वर्ष 2015 को आधार वर्ष बनाते हुए सीटों को आरक्षित किया जाना है। जानकारों का कहना है कि आधार वर्ष बदले जाने से पहले आरक्षित सीटोें में पचहत्तर फीसदी तक सीटें बदल जाएंगी। यह करीब तय है कि पिछले चुनाव में जिस वर्ग को सीट आरक्षित हुई थी, वह उनको इस बार नहीं दी जाएगी। ग्राम प्रधानों की सीटें ब्लॉक वार ही आरक्षित की जाएंगी। ग्राम प्रधान की 496 सीटों में अनुसूचित जनजाति (महिला) को एक, अनुसूचित जनजाति को एक, अनुसूचित जाति(महिला) को 43, अनुसूचित जाति को 77, पिछड़ा (महिला) 47, पिछड़ा को 86, महिला 76 एवं सामान्य वर्ग को 165 सीटें आवंटित हुईं हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या यथावथ रहेगी। इनके स्थान में बदलाव होगा। हाईकोर्ट के निर्देश पर यह आरक्षण भी 27 मार्च तक पूरा करना होगा।
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