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उपेक्षित है मुहल्ला नेहरू नगर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2016 01:24 AM IST
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nehru nagar, lalitpur news
- फोटो : demopic
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ललितपुर। रेलवे स्टेशन के दूसरी ओर बसे मुहल्ला नेहरू नगर में शहर की आबादी बड़ा हिस्सा रहता है, लेकिन यहां का पूर्ण विकास अब तक नहीं हो पाया है। रेल की पटरियों ने इस क्षेत्र को मुख्य शहर से अलग करके रखा है। यही कारण है कि यहां रहने वाले लोग मुहल्ले को शहर का हिस्सा होने के बाद भी शहरी क्षेत्र नहीं समझते हैं।
शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्ती नेहरू नगर का क्षेत्रफल व आबादी अधिक होने के कारण इसको दो वार्डों 04 व 06 में बांटा गया है। वार्ड नंबर 06 मुहल्ला नेहरू नगर के देवगढ़ रोड वाले क्षेत्र की स्थित काफी खराब है। यहां की नालियां गंदगी से हमेशा बजबजाती रहती हैं। सड़कों के किनारे जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। स्थानीय लोग समय-समय पर अधिकारियों से सफाई की मांग करते रहते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। देवगढ़ रोड पर स्थित आरा मशीन के पास बसे इस मुहल्ले में जाने के लिए मुख्य सड़क से करीब आधा दर्जन गलियां हैं। कुछ माह पूर्व नगर पालिका ने स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए नाली का गहरीकरण करके नई नालियों का निर्माण कराया था।
साथ ही गलियों में जाने के लिए नालियों पर पुलिया का निर्माण भी कराया गया, लेकिन ठेकेदार ने मनमर्जी से पुलिया का निर्माण कर स्थानीय लोगों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। नालियों को गहरा नहीं किया गया, बल्कि नालियों की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, इससे पुलिया की ऊंचाई भी काफी अधिक हो गई है। इस कारण मुहल्ले में दो पहिया वाहन के अलावा कोई अन्य वाहन प्रवेश नहीं कर पाता है। ऐसे में मुहल्लेवासी परेशान हैं।
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यहां रहने वाले लोग महिलाओं को बैठाकर मोटरसाइकिल से पुलिया पार नहीं कर पाते हैं, कई बार महिलाएं गिर कर घायल हो चुकीं है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों व उनके अभिभावकों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि स्कूल टैक्सी गलियों में अंदर नहीं जा पाती हैं। इस कारण बच्चों को टैक्सी तक छोड़ने व वापस लाने के लिए पैदल ही मुख्य सड़क तक आना पड़ता है।
खाली जगहों पर डंप होता है कचरा
यहां पर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अपनी मनमर्जी से काम करते हैं। मुहल्ले की नालियों व सड़कों पर फैली गंदगी के अलावा सफाई कर्मचारियों ने जगह-जगह पर कचरा डंप कर दिया है। सड़क के किनारे पर एक मकान का खंडहर है, इस पूरे मकान को कचरे से भर दिया गया है, इससे गली में रहने वालों व राहगीरों को बदबू से परेशान होना पड़ता है। दूसरी गली में खाली पड़े मैदान को भी डंपिंग स्थल बना दिया है। इस मुहल्ले में कई खाली प्लाट कचरा डंपिंग स्थल बन गए हैं।
नहीं लगाए बिजली के खंभे
विद्युत विभाग ने अभी तक यहां पर बिजली के खंभे नहीं लगाए हैं। यहां पर आज भी लकड़ी की बल्लियों के सहारे बिजली के तार बस्ती में गए हैं। इतना ही नहीं, विद्युत विभाग ने बिना खंभों के बंच केबल डाल दी है। विभाग ने खंभे रखवा तो दिए हैं, पर लगाए नहीं हैं। बांस पर पड़ी बंच केबल गलियों व घर के सामने झूलती रहती है। खंभे नहीं होने के कारण यहां पर स्ट्रीट लाइट का भी कोई इंतजाम नहीं है।
सफाई कर्मियों की इस तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सफाई निरीक्षक को आदेशित किया जाएगा, ताकि मुहल्ले में पर्याप्त सफाई की जा सके।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका, ललितपुर
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शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्ती नेहरू नगर का क्षेत्रफल व आबादी अधिक होने के कारण इसको दो वार्डों 04 व 06 में बांटा गया है। वार्ड नंबर 06 मुहल्ला नेहरू नगर के देवगढ़ रोड वाले क्षेत्र की स्थित काफी खराब है। यहां की नालियां गंदगी से हमेशा बजबजाती रहती हैं। सड़कों के किनारे जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। स्थानीय लोग समय-समय पर अधिकारियों से सफाई की मांग करते रहते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। देवगढ़ रोड पर स्थित आरा मशीन के पास बसे इस मुहल्ले में जाने के लिए मुख्य सड़क से करीब आधा दर्जन गलियां हैं। कुछ माह पूर्व नगर पालिका ने स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए नाली का गहरीकरण करके नई नालियों का निर्माण कराया था।
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साथ ही गलियों में जाने के लिए नालियों पर पुलिया का निर्माण भी कराया गया, लेकिन ठेकेदार ने मनमर्जी से पुलिया का निर्माण कर स्थानीय लोगों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। नालियों को गहरा नहीं किया गया, बल्कि नालियों की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, इससे पुलिया की ऊंचाई भी काफी अधिक हो गई है। इस कारण मुहल्ले में दो पहिया वाहन के अलावा कोई अन्य वाहन प्रवेश नहीं कर पाता है। ऐसे में मुहल्लेवासी परेशान हैं।
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यहां रहने वाले लोग महिलाओं को बैठाकर मोटरसाइकिल से पुलिया पार नहीं कर पाते हैं, कई बार महिलाएं गिर कर घायल हो चुकीं है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों व उनके अभिभावकों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि स्कूल टैक्सी गलियों में अंदर नहीं जा पाती हैं। इस कारण बच्चों को टैक्सी तक छोड़ने व वापस लाने के लिए पैदल ही मुख्य सड़क तक आना पड़ता है।
खाली जगहों पर डंप होता है कचरा
यहां पर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अपनी मनमर्जी से काम करते हैं। मुहल्ले की नालियों व सड़कों पर फैली गंदगी के अलावा सफाई कर्मचारियों ने जगह-जगह पर कचरा डंप कर दिया है। सड़क के किनारे पर एक मकान का खंडहर है, इस पूरे मकान को कचरे से भर दिया गया है, इससे गली में रहने वालों व राहगीरों को बदबू से परेशान होना पड़ता है। दूसरी गली में खाली पड़े मैदान को भी डंपिंग स्थल बना दिया है। इस मुहल्ले में कई खाली प्लाट कचरा डंपिंग स्थल बन गए हैं।
नहीं लगाए बिजली के खंभे
विद्युत विभाग ने अभी तक यहां पर बिजली के खंभे नहीं लगाए हैं। यहां पर आज भी लकड़ी की बल्लियों के सहारे बिजली के तार बस्ती में गए हैं। इतना ही नहीं, विद्युत विभाग ने बिना खंभों के बंच केबल डाल दी है। विभाग ने खंभे रखवा तो दिए हैं, पर लगाए नहीं हैं। बांस पर पड़ी बंच केबल गलियों व घर के सामने झूलती रहती है। खंभे नहीं होने के कारण यहां पर स्ट्रीट लाइट का भी कोई इंतजाम नहीं है।
सफाई कर्मियों की इस तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सफाई निरीक्षक को आदेशित किया जाएगा, ताकि मुहल्ले में पर्याप्त सफाई की जा सके।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका, ललितपुर