{"_id":"6079f6358ebc3ee64d5dee53","slug":"navratri-maa-poojan-jhansi-news-jhs1932992105","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधि-विधान से हुआ मां के स्वरूप का अर्चन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधि-विधान से हुआ मां के स्वरूप का अर्चन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। वासंतिक नवरात्रि के चौथे दिन देवी मंदिरों में शक्ति स्वरूपा मां की विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन हुआ। भक्तों ने देवी मंदिरों में पहुंचकर मां के देवी स्वरूप के दर्शन किए। पूरे दिन मंदिरों में मां के जयघोष गूंजते रहे।
शुक्रवार को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप की सुंदर झांकी सजाई गई। मंदिर पुरोहितों ने मां का विधि-विधान पूर्वक पूजन किया और उनकी आरती उतारी। मंदिर परिसर को भी फूलों से सजाया गया। भक्त मंदिरों में नारियल, चुनरी लेकर पहुंचे। देवी दरबार में अभीष्ट कामना की पूर्ति के लिए भक्तों ने दुर्गा सप्तमी समेत दुर्गा जाग्रत मंत्रों का भी जाप किया। इस दौरान भक्तों ने अखिल विश्व को कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की भी कामना की। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लिए शाम को भी श्रद्घालुओं की कतार लगी रही। मंदिरों ने कोरोना को देखते हुए शारीरिक दूरी बनाए रखने की व्यवस्था की थी। लहर की देवी मंदिर में भी पूरे दिन श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला बना रहा। उधर, घरों में भी घट स्थापना के साथ श्रद्घालुओं ने दुर्गा पूजन किया। श्रद्घालुओं ने विधि-विधान पूर्वक मां को चुनरी अर्पित करके दुर्गास्रोत को पाठ किया।
विज्ञापन
शुक्रवार को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप की सुंदर झांकी सजाई गई। मंदिर पुरोहितों ने मां का विधि-विधान पूर्वक पूजन किया और उनकी आरती उतारी। मंदिर परिसर को भी फूलों से सजाया गया। भक्त मंदिरों में नारियल, चुनरी लेकर पहुंचे। देवी दरबार में अभीष्ट कामना की पूर्ति के लिए भक्तों ने दुर्गा सप्तमी समेत दुर्गा जाग्रत मंत्रों का भी जाप किया। इस दौरान भक्तों ने अखिल विश्व को कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की भी कामना की। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लिए शाम को भी श्रद्घालुओं की कतार लगी रही। मंदिरों ने कोरोना को देखते हुए शारीरिक दूरी बनाए रखने की व्यवस्था की थी। लहर की देवी मंदिर में भी पूरे दिन श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला बना रहा। उधर, घरों में भी घट स्थापना के साथ श्रद्घालुओं ने दुर्गा पूजन किया। श्रद्घालुओं ने विधि-विधान पूर्वक मां को चुनरी अर्पित करके दुर्गास्रोत को पाठ किया।
विज्ञापन