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निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता की निगरानी होगी ऑनलाइन
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Nagar nigam will be seeing online build time and quality
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झांसी। महानगर में नगर निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता की निगरानी के लिए अब ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। निर्माण कार्यों की लेटलतीफी रोकनेे के लिए नगर निगम पीएमएस व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद टेंडर जारी होने से लेकर काम पूरा होने तक का विवरण ऑनलाइन रहेगा। नगर आयुक्त और निगम के अधिकारी पीएमएस को लेकर मंथन कर रहे हैं।
महानगर में नगर निगम हर साल करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य कराता है। निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी महीनों तक चलती रहती है। इसके अलावा कई बार वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी ठेकेदार महीनों तक काम शुरू नहीं करते। ऐसे में निर्माण कार्य खत्म होने की समय सीमा कई बार समाप्त हो जाती है, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होता है। इसके चलते निर्माण कार्य की लागत में भी इजाफा होता है। साथ ही निगम का बजट भी व्यय होता है। वहीं कई बार निर्माण कार्य शुरू न होने से जनता में भी आक्रोश पनपता है। इसे लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए थे। मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने निर्माण कार्यों की समयबद्धता तय करने के साथ ही गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रोग्रेस चार्ट बनाने का सुझाव दिया था। इसे लेकर नगर निगम ने मंथन शुरू कर दिया है। नगर निगम अब पीएमएस (प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम) लागू करने की तैयारी कर रहा है। जिसके बाद निर्माण कार्य का एस्टीमेट बनने से लेकर टेंडर जारी होने, टेंडर स्वीकृति, काम शुरू होने, काम की प्रगति और काम की समाप्ति का विवरण भी ऑनलाइन होगा। अगर कोई काम तय समय सीमा से अधिक समय में पूरा होगा, तो ठेकेदारों पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी। इसके लिए निगम के अधिकारी सिस्टम को विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद निर्माण कार्य तय समय पर पूरे होने लगेंगे।
निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने और उनकी गुणवत्ता तय करने के लिए नई व्यवस्था को लेकर तैयारी चल रही है। फिलहाल गूगल शीट बनाने का काम चल रहा है। कोशिश है कि नगर निगम एप्लीकेशन का निर्माण जल्द से जल्द कर लिया जाए। अवनीश राय, नगर आयुक्त
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महानगर में नगर निगम हर साल करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य कराता है। निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी महीनों तक चलती रहती है। इसके अलावा कई बार वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी ठेकेदार महीनों तक काम शुरू नहीं करते। ऐसे में निर्माण कार्य खत्म होने की समय सीमा कई बार समाप्त हो जाती है, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होता है। इसके चलते निर्माण कार्य की लागत में भी इजाफा होता है। साथ ही निगम का बजट भी व्यय होता है। वहीं कई बार निर्माण कार्य शुरू न होने से जनता में भी आक्रोश पनपता है। इसे लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए थे। मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने निर्माण कार्यों की समयबद्धता तय करने के साथ ही गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रोग्रेस चार्ट बनाने का सुझाव दिया था। इसे लेकर नगर निगम ने मंथन शुरू कर दिया है। नगर निगम अब पीएमएस (प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम) लागू करने की तैयारी कर रहा है। जिसके बाद निर्माण कार्य का एस्टीमेट बनने से लेकर टेंडर जारी होने, टेंडर स्वीकृति, काम शुरू होने, काम की प्रगति और काम की समाप्ति का विवरण भी ऑनलाइन होगा। अगर कोई काम तय समय सीमा से अधिक समय में पूरा होगा, तो ठेकेदारों पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी। इसके लिए निगम के अधिकारी सिस्टम को विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद निर्माण कार्य तय समय पर पूरे होने लगेंगे।
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निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने और उनकी गुणवत्ता तय करने के लिए नई व्यवस्था को लेकर तैयारी चल रही है। फिलहाल गूगल शीट बनाने का काम चल रहा है। कोशिश है कि नगर निगम एप्लीकेशन का निर्माण जल्द से जल्द कर लिया जाए। अवनीश राय, नगर आयुक्त
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