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Lalitpur News: बांधों पर लगेंगे सेंसर, मिलेगी जलस्तर की सटीक जानकारी

Sat, 28 Jan 2023 12:30 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Sat, 28 Jan 2023 12:30 AM IST
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Sensors will be installed on dams, accurate information about water level will be available
ललितपुर। जिले के चार बांधों का जलस्तर बढ़ने पर अब तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। बांधों में सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले सेंसर लगाए जाएंगे। जिससे बांध में एकत्रित होने वाले पानी की गति, उपलब्ध जल और बांध क्षेत्र में हुई बारिश की मात्रा का सही आंकड़ा मिल सकेेगा।
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जिले में मौजूदा समय में चौदह बांध परियोजनाएं हैं। अभी इन बांधों का जलस्तर, बांध क्षेत्र में हुई वर्षा का आंकलन करने के लिए मैनुअल तरीका अपनाया जाता है। जिसमें काफी समय और श्रम लगता है। जल संसाधन मंत्रालय ने जनपद के चार बांधों पर सौर ऊर्जा से संचालित ऑटोमेटिक सेंसर लगाने के निर्देश दिए हैं। इनमें गोविंद सागर बांध, उटारी, बंडई और भावनी बांध शामिल हैं।
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ऑटाेमेटिक सेंसर लग जाने से बांध के जलस्तर और बाढ़ के खतरे का पता चल सकेगा। इसके साथ बांध में एकत्रित होने वाले पानी की गति, उपलब्ध जल और बांध क्षेत्र में हुई बारिश की मात्रा का सही आंकड़ा मिलेगा। बाधों में पानी की सटीक जानकारी रहने से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाई जा सकेगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सेंसर से बांधों के जलस्तर को मापने में मदद मिलेगी और बांध में पानी सहित अन्य जानकारी कंट्रोल रूम को आसानी मिलेगी।
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आपदा कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ेगा तंत्र
सेंसर लग जाने से बांध आपदा कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ जाएंगे। रियल टाइम मॉनिटरिंग होने से किसी भी असमय स्थिति या खतरे की संभावना देखने पर समय से चेतावनी जारी हो सकेगी।

ऑटोमेटिक सेंसर सिस्टम से यह होंगे फायदे
- सेंसर सिस्टम लग जाने से बारिश के पानी का रियल टाइम डाटा मिलेगा।
- बांध में पानी के घटने और बढ़ने की सही जानकारी मिलेगी।
- बांध में जलभराव की सही सूचना मिल सकेगी।
- डाटा मिलने से बांधों के गेट समय पर खुल सकेंगे।
- बाढ़ और आपदा रोकने के लिए बेहतर तरीके से योजना बनाई जा सकेगी।

अन्य विभागों को भी मिलने लगेगी मदद
बांधों पर सेंसर लग जाने से सिंचाई विभाग को तो लाभ होगा। साथ ही अन्य विभागों को भी इसका फायदा होगा। अभी तक वर्षा के बारे में जानकारी के लिए राजस्व विभाग और कृषि विभाग ने अलग-अलग वर्षा मापी यंत्र लगा रखे हैं। सेंसर लग जाने से इन विभागों को भी वर्षा की सही जानकारी मिल सकेगी।

जनपद के चार बांधों में सौर ऊर्जा से संचालित ऑटोमेटिक सेंसर लगाए जाएंगे। सेंसर लग जाने से इन बांधों के जल स्तर, बांध क्षेत्र में होने वाली वर्षा की सटीक जानकारी सहित अन्य जानकारी भी मिलेगी।

एसएन राम, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड

गोविंद सागर बांध, भावनी, उटारी और बंडई बांध में सेंसर लगाए जाएंगे। इसके लिए बांधों का निरीक्षण किया जा चुका है। जल्द ही इन पर सेंसर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
पुष्पेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, बीआईपीएस प्राइवेट लिमिटेड
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