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नगर निगम अपनी जमीनों की सुरक्षा करने में नाकाम

Mon, 18 Apr 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 18 Apr 2016 12:40 AM IST
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Municipality failed to defend their lands
jamen, jhansi news - फोटो : demo
झांसी। नगर निगम महानगर क्षेत्र में पड़ी अपनी 3000 एकड़ से अधिक बेशकीमती जमीन को बचा पाने में ही नाकाम साबित हो रहा है। आए दिन भू- माफियाओं द्वारा कहीं न कहीं निगम की इस भूमि पर कब्जे करने के मामले सामने आते रहते हैं। बावजूद, नगर निगम जमीन की सुरक्षा के इंतजाम नहीं कर पा रहा है। यहां तक कि नगर निगम ने फेंसिंग कराने के बजाए यहां सिर्फ बोर्ड लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली है।  
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वर्ष 2014 व 15 में नगर निगम ने अभियान चलाकर पूरे महानगर क्षेत्र में अपनी भूमि को तलाशा और उसे चिह्नित किया। कुछ स्थानों पर लोगों ने नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था, मगर उसे खाली कराया गया। इस प्रकार 1111 हेक्टेयर यानि लगभग 3000 एकड़ जमीन नगर निगम के पास हो गई। इस भूमि पर फिर कब्जा न हो, इसके लिए अधिकारियों ने फेंसिंग कराने का निर्णय लिया। निर्णय केवल मन में ही रह गया, आज तक अपनी कब्जा मुक्त कराई गई जमीनों पर नगर निगम फेंसिंग नहीं करा सका। वहां सिर्फ बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली गई। परिणाम स्वरूप लोगों ने फिर इन जमीनों को कब्जियाना शुरू कर दिया। अब कब्जे की सूचना पर संपत्ति विभाग दौड़ता नजर आता है और कभी पुलिस के सहयोग से तो कभी नोटिस जारी कर अपनी जमीनों को बचा रहा है।
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केस नंबर-1
झांसी। बिजौली-राजगढ़ के मध्य एल्डिगो कॉलोनी के पास नगर निगम की जमीन पर कुछ दबंगों ने माह अप्रैल 2016 में  निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। इसकी सूचना संपत्ति अधिकारी को हुई तो मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस के सहयोग से काम रुकवाया। दबंग इस भूमि को अपना बता रहे थे, दोनों पक्षों ने कागजात जांचे और आखिरकार जमीन नगर निगम की निकली। बाद में दबंगों को नोटिस जारी कर कागजी कार्रवाई करते हुए रस्म अदायगी कर पल्ला झाड़ लिया गया।
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केस नंबर-2
झांसी। पहूज नदी किनारे मौजा लहरगिर्द में बिल्डर्स अपार्टमेंट बनाने लगे थे। बिल्डर्स के साथ कुछ नेता भी शामिल थे। इन लोगों ने पहूज नदी के पानी का बहाव कुछ हद तक मोड़ दिया और वहां बजरी व बालू आदि डालकर जमीन को समतल कर लिया। साथ ही नदी किनारे लगी नगर निगम की जमीन को भी अपने साथ मिलाकर अपार्टमेंट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जानकारी हुई तो संपत्ति अधिकारी ने मौके पर जाकर नापजोख की। फिलहाल तो काम रुक गया, मगर कब तक? यह कोई नहीं जानता।

 
इनका कहना है यह
‘ नगर निगम की जमीन सरकारी जमीन है। इस पर कब्जा करना गैर कानूनी है। इसके बावजूद कुछ लोग कब्जे का प्रयास करते हैं तो उनके खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाती है। जमीन को संरक्षित करने के लिए फेंसिंग मेें काफी पैसा लग रहा था, इसलिए सभी जमीनों पर नगर निगम की संपत्ति होने का सूचनार्थ बोर्ड लगा दिया गया है।’
रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
नगर निगम झांसी
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