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फिर जनता के बीच जाएगा नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:21 AM IST
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nagar nigam in public
- फोटो : demo pice
झांसी। झांसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर निगम व प्रशासन ने जो प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय को भेजा था, उसमें कुछ आपत्तियां दर्ज कर वापस कर दिया गया है। इन आपत्तियों को दूर कर एक बार फिर जनता से स्मार्ट सिटी के लिए राय और सभी संबंधित विभागों का मत लिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
गौरतलब है कि पिछली बार रिकॉर्ड वोटिंग के बावजूद झांसी को स्मार्ट सिटी के पहले चरण में शामिल नहीं किया गया था। उधर, कुछ आपत्तियां लगाकर शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को वापस नगर निगम के पास इस आशय से भेजा है कि दोबारा नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कराया जाए। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश के अनुसार इस बार जो प्रोजेक्ट बनाया जाएगा, उसमें वित्तीय अनुमोदन की सूची और अपनी वित्तीय क्षमता के बारे में विस्तृत जानकारियां देनी होंगी।
ताकि सरकार इस बात से आश्वस्त रहे कि जो विकास व विस्तारीकरण प्रस्ताव में दिया गया है, उसे कराने में नगर निगम सक्षम है। इसके अलावा पिछली बार जनता ने जो प्लान बनाया था, उसे लेकर दोबारा जनता के बीच जाना होगा। ताकि उनकी राय एक बार फिर ली जा सके। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जिन विभागों (बिजली, जल निगम, जल संस्थान, वन विभाग, परिवहन आदि ) का इसमें सहयोग लिया जा रहा है उनके विभागाध्यक्षों का लिखित मत भी प्रस्ताव के साथ भेजना होगा, जिससे सुनिश्चित होगा कि सहयोग करने वाले सभी विभाग स्मार्ट सिटी के लिए तैयार हैं।
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नगर आयुक्त ने बताया कि तैयारियों के लिए अभी काफी वक्त है। सितंबर-अक्तूबर में जब स्मार्ट सिटी के लिए कोशिश होगी, तब इस प्रस्ताव के सभी पहलुओं पर दोबारा काम शुरू होगा।
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गौरतलब है कि पिछली बार रिकॉर्ड वोटिंग के बावजूद झांसी को स्मार्ट सिटी के पहले चरण में शामिल नहीं किया गया था। उधर, कुछ आपत्तियां लगाकर शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को वापस नगर निगम के पास इस आशय से भेजा है कि दोबारा नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कराया जाए। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश के अनुसार इस बार जो प्रोजेक्ट बनाया जाएगा, उसमें वित्तीय अनुमोदन की सूची और अपनी वित्तीय क्षमता के बारे में विस्तृत जानकारियां देनी होंगी।
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ताकि सरकार इस बात से आश्वस्त रहे कि जो विकास व विस्तारीकरण प्रस्ताव में दिया गया है, उसे कराने में नगर निगम सक्षम है। इसके अलावा पिछली बार जनता ने जो प्लान बनाया था, उसे लेकर दोबारा जनता के बीच जाना होगा। ताकि उनकी राय एक बार फिर ली जा सके। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जिन विभागों (बिजली, जल निगम, जल संस्थान, वन विभाग, परिवहन आदि ) का इसमें सहयोग लिया जा रहा है उनके विभागाध्यक्षों का लिखित मत भी प्रस्ताव के साथ भेजना होगा, जिससे सुनिश्चित होगा कि सहयोग करने वाले सभी विभाग स्मार्ट सिटी के लिए तैयार हैं।
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नगर आयुक्त ने बताया कि तैयारियों के लिए अभी काफी वक्त है। सितंबर-अक्तूबर में जब स्मार्ट सिटी के लिए कोशिश होगी, तब इस प्रस्ताव के सभी पहलुओं पर दोबारा काम शुरू होगा।