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जीएसटी दायरे में आएंगे बीस हजार से अधिक नए व्यवसायी

Tue, 12 Jul 2022 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 01:15 AM IST
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More than twenty thousand new businessmen will come under GST
झांसी। 18 जुलाई के बाद जीएसटी दायरे में बुंदलेखंड के बीस हजार से अधिक दुकानदार नए शामिल हो जाएंगे। जीएसटी काउंसिल के दाल, आटा, दही, छाछ समेत सभी सीलबंद खाद्यान्नों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाए जाने से यह दुकानदार प्रभावित होंगे। वहीं, जीएसटी दायरे में शामिल होने से इन वस्तुओं के दाम भी आने वाले समय में बढ़ना तय है।
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जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक बुंदेलखंड में दाल मिल, फ्लोर मिल, आटा मिल समेत कई कृषि उत्पादन आधारित इकाइयां हैं। अधिकांश इकाइयों में दाल, आटा आदि पैक होता है लेकिन, यह जीएसटी दायरे से बाहर थे। जीएसटी काउंसिल ने रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओें पर जीएसटी लगाने का फैसला किया है और इनको जीएसटी दायरे में लाया गया है। गांव में कई समूह कुटीर उद्योग के तौर पर मसाले, पापड़, दलिया आदि पैक करके बाजार में बेचते हैं। इन इकाइयों को भी जीएसटी चुकाना होगा। जीएसटी अफसरों का कहना है सील बंद चावल, मसाले, स्टीकर लगा गेहूं, आटा, पापड़, पनीर, दही, छाछ पैक्ड और लेवल युक्त मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर समेत अन्य स्टीकर लगे अनाज पर पांच फीसदी जीएसटी चुकानी होगी। इस तरह छोटे व्यापारी भी टैक्स दायरे में शामिल होंगे। इन सभी को 18 जुलाई से टैक्स चुकाना होगा। जीएसटी अधिकारियों का कहना है पूरे बुंदेलखंड में करीब बीस हजार व्यापारी यह काम करते हैं। यह सभी जीएसटी दायरे में आ जाएंगे। वहीं, अपर आयुक्त (ग्रेड वन) भानु प्रकाश मिश्रा का कहना है कि नोटिफिकेशन होने के बाद ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू होगी।
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व्यापारी समूह लगातार कर रहे विरोध
स्टीकर लगे खाद्यान्न को जीएसटी दायरे में लाने की घोषणा के बाद से ही व्यापारी इसके विरोध में हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों की कमर पूरी तरह टूट जाएगी। कोविड के बाद वह किसी तरह संभले थे लेकिन, इस फैसले से व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष उमेश गुप्ता का कहना है कि प्रस्तावित फैसले में अनाज सहित अन्य खाद्य समाग्री पर 25 किलो तक सादी पैकिंग को करमुक्त रखने को कहा गया है जबकि सादी पैकिंग में इसे बेचना संभव नहीं है। सादी बोरी में पैक्ड अनाज बेचना मुश्किल होगा। उनका कहना है कि अनाज सहित अन्य खाद्य समाग्री पर 25 किलो तक सादी पैकिंग को करमुक्त की श्रेणी में रखा जाएगा।
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