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Jhansi News: सड़कों पर दौड़ रहे 15 साल पुराने 20 हजार से अधिक वाहन

Sun, 04 May 2025 02:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 02:12 AM IST
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More than 20 thousand 15 year old vehicles are running on the roads

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संवाद न्यूज एजेंसी



झांसी। जिले में 20 हजार से अधिक ऐसे वाहन हैं जो अपनी समय सीमा पूर्ण कर कंडम की श्रेणी में आ चुके हैं। बावजूद इसके सड़कों पर दौड़ रहे हैं। विभाग इन्हें कई बार नोटिस थमा चुका है, लेकिन इन्हें न तो अपने वाहनों का रिन्यूअल कराने का समय है, और न ही नोटिस का जवाब देने की फुर्सत। सड़कों पर खुद के साथ दूसरों के लिए भी खतरा बने हैं। विभाग इन वाहनों की सूची नगर निगम को सौंप चुका है। हर माह 1200 से 1400 वाहनों के चालान नगर निगम के कैमरों के जरिये कराए जा रहे हैं।

सरकार द्वारा कबाड़ नीति लागू करते हुए कुछ जिलों में जहां सख्ती की गई है तो कुछ में रियायत दी गई है। झांसी जनपद रियायत वाले जिलों में शामिल है। यहां 20 हजार से अधिक वाहन अपनी सीमा पूर्ण कर चुके हैं, लेकिन फिटनेस में छूट के चलते कुछ ने अपना नवीनीकरण करा लिया, लेकिन अधिकांश बगैर नवीनीकरण कराए ऐसे ही वाहनों को दौड़ा रहे हैं। कुछ वाहनों को तो परिवहन अधिकारियों ने चेकिंग के दौरान पकड़कर थाने में बंद करा दिया, लेकिन कई उनकी पकड़ से दूर हैं। अब ऐसे वाहनों की सूची विभाग ने नगर निगम को सौंपी है। शहर में लगे कैमरों के माध्यम से इन वाहनों का चालान किया जा रहा है।
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बॉक्स में -



740 वाहन कबाड़ की श्रेणी में : जिले में 740 सरकारी वाहन ऐसे चिन्हित किए गए हैं जो कबाड़ की श्रेणी में हैं। उन्हें स्क्रैप पॉलिसी में शामिल करते हुए प्रमाणपत्र सौंप दिया गया है।
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बॉक्स में -

क्या है स्क्रैप पॉलिसी : सड़क हादसों में कमी लाने व पर्यावरण सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने स्क्रैप पॉलिसी लागू की है। 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को सड़क से बाहर किया जाना है। बड़े शहरों में तो यह पूरी तरह से लागू की जा चुकी है, लेकिन झांसी जिले में अभी यह पॉलिसी सरकारी वाहनों में लागू है, प्राइवेट को अभी इससे दूर रखा गया है।


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वर्जन -



- कबाड़ नीति लागू की गई है। प्राइवेट वाहनों में रियायत दी गई है, वहीं सरकारी वाहनों में यह पूर्णतया लागू है। जो वाहन कंडम हैं, नवीनीकरण नहीं करा रहे हैं। उनके चालान के लिए नगर निगम के कैमरों का सहारा लिया गया है। हर माह 1200 से अधिक वाहनों का चालान किया जा रहा है। -



- डॉ. सुजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन, झांसी।
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