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बैंक हड़ताल का मिलाजुला असर, 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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झांसी। जिले में बैंकों की हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। कहीं बैंकों में ताले लटके रहे तो कई बैंक खुली भी रहीं। खासकर अंतिम महीना होने की वजह से हड़ताल वाली बैंक में पैसे की जमा-निकासी करने पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। दिनभर में लगभग सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीए) के आह्वान पर हड़ताल के पहले दिन सदस्य अपनी-अपनी बैंकों में हड़ताल पर रहे। इससे स्टेट बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंक के अलावा सभी बैंकों में कार्य ठप रहा। लगभग सौ करोड़ का कारोबार नहीं हो सका। प्रांतीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार महावर ने कहा कि कर्मचारी इलाहाबाद/इंडियन बैंक की मुख्य शाखा सिविल लाइंस पर एकत्रित हुए और सरकार की श्रम एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए नारेबाजी की। वहीं, सभा में दीपेश माहौर ने सरकार की बैंकों को निजी हाथों में देने और विलय करने की नीति का विरोध किया। अमित साहू ने बैंकों में आउटसोर्सिंग बंद कर नियमित कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग की। वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने अनुबंध कर्मचारियों और बैंक मित्रों को नियमित करने की मांग की। धर्मेंद्र वर्मा ने खराब ऋणों की पुख्ता वसूली करने की सरकार से मांग की। भरत कुमार ने पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग की। विवेक सेन ने नई पेंशन योजना को निरस्त करने की बात की। सभा की अध्यक्षता वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने की। संजय सिंह, सूरज, राहुल सिंह, सुशील कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार, प्रमोद द्विवेदी, राकेश चौहान, आकाश, सतपाल, शुभम कुमार, मोंटी चौहान, बृजेश कुमार, अश्वनी चतुर्वेदी, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीए) के आह्वान पर हड़ताल के पहले दिन सदस्य अपनी-अपनी बैंकों में हड़ताल पर रहे। इससे स्टेट बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंक के अलावा सभी बैंकों में कार्य ठप रहा। लगभग सौ करोड़ का कारोबार नहीं हो सका। प्रांतीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार महावर ने कहा कि कर्मचारी इलाहाबाद/इंडियन बैंक की मुख्य शाखा सिविल लाइंस पर एकत्रित हुए और सरकार की श्रम एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए नारेबाजी की। वहीं, सभा में दीपेश माहौर ने सरकार की बैंकों को निजी हाथों में देने और विलय करने की नीति का विरोध किया। अमित साहू ने बैंकों में आउटसोर्सिंग बंद कर नियमित कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग की। वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने अनुबंध कर्मचारियों और बैंक मित्रों को नियमित करने की मांग की। धर्मेंद्र वर्मा ने खराब ऋणों की पुख्ता वसूली करने की सरकार से मांग की। भरत कुमार ने पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग की। विवेक सेन ने नई पेंशन योजना को निरस्त करने की बात की। सभा की अध्यक्षता वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने की। संजय सिंह, सूरज, राहुल सिंह, सुशील कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार, प्रमोद द्विवेदी, राकेश चौहान, आकाश, सतपाल, शुभम कुमार, मोंटी चौहान, बृजेश कुमार, अश्वनी चतुर्वेदी, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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