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कागजों में दिखाए काम, बंद इकाइयों पर भी दिखाया व्यय
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Tue, 25 Aug 2015 11:50 PM IST
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सदर विधायक रवि शर्मा ने आरोप लगाया है कि जल संस्थान के अधिकारी सरकारी
धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले
की जांच करवाई जाएगी। हर हाल में जांच होगी, चाहे सत्ता परिवर्तन के उपरांत
जांच को पूरा कराना पड़े। यह घोषणा उन्होंने मंगलवार को सर्किट हाउस में
पत्रकारों के बीच की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जल संस्थान झांसी डिवीजन ग्रामीण और नगरीय पेयजल योजना में शासन से मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग कर रहा है। समस्त कार्य महाप्रबंधक की स्वीकृति पर स्टीमेट (निर्माण कार्य/ मरम्मत कार्य) के आधार पर कराए जा रहे हैं, जबकि यह कार्य निविदा के आधार पर होने चाहिए थे। विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय इकाइयों में पाइप लाइन मरम्मत के कार्य दिखाए गए हैं, जबकि वह मौके पर हुए ही नहीं हैं।
कई इकाइयां जो बंद पड़ी हैं, उन पर भी पांच से दस लाख का पाइप लाइन व्यय दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को सत्ता का भी संरक्षण प्राप्त है। इस संबंध में जल संस्थान कर्मचारी यूनियन के पूर्व जिला महामंत्री संजीव साहू ने सूचनाएं एकत्रित की हैं। उन्होंने मामले की जांच के लिए प्रदेश शासन के नगर विकास मंत्री को पत्र लिख दिया है। वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले से अवगत करा रहे हैं। इस मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
सक्षम अधिकारी से ली गई स्वीकृति
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आर एस यादव ने बताया कि जो भी कार्य कराए गए हैं, वह सक्षम अधिकारी की स्वीकृति उपरांत ही वर्क आर्डर निकाल कर पूरे कराए गए हैं। कार्य की आवश्यकता व नियम अनुसार ही कार्य हुए है। अगर किसी को शिकायत है तो वह जांच करा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जल संस्थान झांसी डिवीजन ग्रामीण और नगरीय पेयजल योजना में शासन से मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग कर रहा है। समस्त कार्य महाप्रबंधक की स्वीकृति पर स्टीमेट (निर्माण कार्य/ मरम्मत कार्य) के आधार पर कराए जा रहे हैं, जबकि यह कार्य निविदा के आधार पर होने चाहिए थे। विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय इकाइयों में पाइप लाइन मरम्मत के कार्य दिखाए गए हैं, जबकि वह मौके पर हुए ही नहीं हैं।
कई इकाइयां जो बंद पड़ी हैं, उन पर भी पांच से दस लाख का पाइप लाइन व्यय दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को सत्ता का भी संरक्षण प्राप्त है। इस संबंध में जल संस्थान कर्मचारी यूनियन के पूर्व जिला महामंत्री संजीव साहू ने सूचनाएं एकत्रित की हैं। उन्होंने मामले की जांच के लिए प्रदेश शासन के नगर विकास मंत्री को पत्र लिख दिया है। वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले से अवगत करा रहे हैं। इस मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
सक्षम अधिकारी से ली गई स्वीकृति
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आर एस यादव ने बताया कि जो भी कार्य कराए गए हैं, वह सक्षम अधिकारी की स्वीकृति उपरांत ही वर्क आर्डर निकाल कर पूरे कराए गए हैं। कार्य की आवश्यकता व नियम अनुसार ही कार्य हुए है। अगर किसी को शिकायत है तो वह जांच करा सकता है।