{"_id":"5745fdca4f1c1b7562691465","slug":"millions-of-tax-evasion-revealed","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों की टैक्स चोरी सामने आई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों की टैक्स चोरी सामने आई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2016 01:02 AM IST
विज्ञापन
tax, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। वाणिज्य कर टीम ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित होटल शीला श्री का सर्वे किया। इस दौरान होटल में मिले दस्तावेजों को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में लाखों की टैक्स चोरी सामने आई है। जांच उपरांत ही टैक्स का निर्धारण हो सकेगा।
वाणिज्य कर विभाग को शिकायतें मिल रही थी कि होटल शीला श्री में ग्राहकों को भुगतान के बिल नहीं दिए जा रहे हैं। बुधवार को विशेष अनुसंधान टीम ने ज्वाइंट कमिश्नर रमेश चंद्र राजपूत के नेतृत्व में होटल का सर्वे किया। टीम ने सबसे पहले शादी, जन्मदिन आदि पार्टियों के रिकार्ड का बुकिंग रजिस्टर बरामद किय, इसमें लाखों का लेनदेन अंकित था। इसके अलावा पर्चेज रजिस्टर, स्टीमेट बिल आदि बरामद किए। टीम करीब तीन घंटे तक होटल में जांच करती रही। प्रारंभिक जांच में लाखों का करावंचन सामने आया है।
जांच उपरांत ही टैक्स का निर्धारण हो सकेगा। टीम में डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार, सहायक कमिश्नर अभिषेक गुप्ता, डी पी श्रीवास्तव, मनीष गुप्ता, ए के जैन आदि अफसर शामिल रहे। उक्त जांच पर ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि होटल संचालक पंजीकृत व्यापारी है।
विज्ञापन
प्रपत्रों में व्यापारी तिमाही बिक्री ग्यारह लाख की दिखा रहा है। जबकि, सर्वे के दौरान बरामद दस्तावेजों के आधार पर प्रति माह की बिक्री लगभग पच्चीस लाख आ रही है। दस्तावेजों की जांच के उपरांत ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
विज्ञापन
वाणिज्य कर विभाग को शिकायतें मिल रही थी कि होटल शीला श्री में ग्राहकों को भुगतान के बिल नहीं दिए जा रहे हैं। बुधवार को विशेष अनुसंधान टीम ने ज्वाइंट कमिश्नर रमेश चंद्र राजपूत के नेतृत्व में होटल का सर्वे किया। टीम ने सबसे पहले शादी, जन्मदिन आदि पार्टियों के रिकार्ड का बुकिंग रजिस्टर बरामद किय, इसमें लाखों का लेनदेन अंकित था। इसके अलावा पर्चेज रजिस्टर, स्टीमेट बिल आदि बरामद किए। टीम करीब तीन घंटे तक होटल में जांच करती रही। प्रारंभिक जांच में लाखों का करावंचन सामने आया है।
विज्ञापन
जांच उपरांत ही टैक्स का निर्धारण हो सकेगा। टीम में डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार, सहायक कमिश्नर अभिषेक गुप्ता, डी पी श्रीवास्तव, मनीष गुप्ता, ए के जैन आदि अफसर शामिल रहे। उक्त जांच पर ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि होटल संचालक पंजीकृत व्यापारी है।
विज्ञापन
प्रपत्रों में व्यापारी तिमाही बिक्री ग्यारह लाख की दिखा रहा है। जबकि, सर्वे के दौरान बरामद दस्तावेजों के आधार पर प्रति माह की बिक्री लगभग पच्चीस लाख आ रही है। दस्तावेजों की जांच के उपरांत ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।