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मेहनत का परिणाम देख खिल उठे चेहरे
Wed, 08 May 2019 02:08 AM IST
देवेंद्र कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 08 May 2019 02:08 AM IST
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- फोटो : amar ujala, jhansi news
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इंडियन सर्टिफिकेट स्कूल ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (आईसीएसई) की 10वीं और इंडियन स्कूल ऑफ सर्टिफिकेट (आईएससी) की 12वीं कक्षा के नतीजे मंगलवार को घोषित हुए। जिसमें शहर के विद्यार्थियों ने शानदार अंकों के साथ सफलता हासिल करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रिजल्ट देख ज्यादातर परीक्षार्थियों के चेहरे खिल उठे।
दसवीं और बारहवीं कक्षा शैक्षिक जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं। इन कक्षाओं से आगे बढ़ने के बाद ही भविष्य की राह तय होती है। यही वजह है कि परीक्षार्थियों में रिजल्ट को लेकर उत्सुकता सुबह से ही देखी जाने लगीं थीं। उनकी धड़कनें तेज थीं। साथ ही अभिभावकों को भी इंतजार था, वे भी अपने बच्चों की मेहनत का परिणाम जानना चाहते थे। समय धीरे-धीरे गुजर रहा था। आखिरकार दोपहर तकरीबन तीन बजे बोर्ड की ओर से नतीजे घोषित किए गए। मोबाइल पर नतीजे आने शुरू हो गए थे।
इसके साथ ही विद्यार्थियों की हलचल तेज हो गईं। रिजल्ट देखकर बच्चे नंबरों की गिनती में लगे रहे। अभिभावक भी विषयवार मूल्यांकन करते नजर आए। अच्छे अंक पाकर सभी खुश थे।
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इसके साथ ही शुरू हो गया एकदूसरे को शुभकामनाएं देने का सिलसिला। तमाम बच्चे शाम को स्कूल भी पहुंचे। यहां साथियों और शिक्षकों के साथ अपनी खुशी साझा की। सफलता हासिल कर बच्चों ने मंदिरों में मत्था टेका। सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेशों का तांता लगा रहा।
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दसवीं और बारहवीं कक्षा शैक्षिक जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं। इन कक्षाओं से आगे बढ़ने के बाद ही भविष्य की राह तय होती है। यही वजह है कि परीक्षार्थियों में रिजल्ट को लेकर उत्सुकता सुबह से ही देखी जाने लगीं थीं। उनकी धड़कनें तेज थीं। साथ ही अभिभावकों को भी इंतजार था, वे भी अपने बच्चों की मेहनत का परिणाम जानना चाहते थे। समय धीरे-धीरे गुजर रहा था। आखिरकार दोपहर तकरीबन तीन बजे बोर्ड की ओर से नतीजे घोषित किए गए। मोबाइल पर नतीजे आने शुरू हो गए थे।
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इसके साथ ही विद्यार्थियों की हलचल तेज हो गईं। रिजल्ट देखकर बच्चे नंबरों की गिनती में लगे रहे। अभिभावक भी विषयवार मूल्यांकन करते नजर आए। अच्छे अंक पाकर सभी खुश थे।
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इसके साथ ही शुरू हो गया एकदूसरे को शुभकामनाएं देने का सिलसिला। तमाम बच्चे शाम को स्कूल भी पहुंचे। यहां साथियों और शिक्षकों के साथ अपनी खुशी साझा की। सफलता हासिल कर बच्चों ने मंदिरों में मत्था टेका। सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेशों का तांता लगा रहा।