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मेडिकल कॉलेज : एक घंटे तक एक्सरे के लिए स्ट्रेचर पर तड़पता रहा था विनय
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार नहीं मिलने से विनय अहिरवार की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि वह एक घंटे तक स्ट्रेचर पर कराहता रहा मगर एक्सरे नहीं हुआ। वहीं, जांच कमेटी ने एक्सरे, सीटी और इमरजेंसी के सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। मामले में शुक्रवार को ही ईएमओ को निलंबित कर दिया गया था। माना जा रहा है कि अभी कुछ और कर्मियों पर गाज गिरना तय है।
बृहस्पतिवार को प्रेमनगर के राजगढ़ निवासी विनय अहिरवार (18) रक्सा टोल प्लाजा के पास ट्रक की टक्कर से गंभीर घायल हो गया था। परिजन 12:46 बजे उसे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। सर्जरी और ऑर्थो के जूनियर डॉक्टरों ने एक्सरे और सीटी के लिए उसे भेज दिया। परिजन उसे ओपीडी ब्लॉक के एक्सरे सेंटर लेकर पहुंचे, जहां शून्य बैलेंस की रसीद मांगी गई। परिजन ने इमरजेंसी में 2:04 बजे शून्य बैलेंस की रसीद ली। इसके बाद भी दर्द से विनय कराहता रहा मगर तत्काल एक्सरे नहीं किया गया।
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रिकॉर्ड के अनुसार विनय का पहला एक्सरे 2:55 बजे किया और आखिरी एक्सरे करीब 3:20 बजे किया। इसके बाद परिजन सीटी कराने के लिए 3:40 बजे पहुंचे। यहां भी विनय को स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ा। जिसकी वजह से 4:45 बजे परिजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे। दूसरी तरफ, चार सदस्यीय टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात जूनियर डाॅक्टर, वार्ड बॉय, एक्सरे टेक्नीशियन आदि को बयान देने के लिए बुलाया गया है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने बताया कि उपचार नहीं मिलने से युवक की मौत होने का मामला काफी गंभीर है। इसमें जांच कराई जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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0- गंभीर रोगियों के लिए ये हैं आदेश
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के स्पष्ट आदेश हैं कि इमरजेंसी से जांच के लिए भेजे रोगी का एक्सरे, सीटी अथवा अन्य जांचें प्राथमिकता से पहले की जाएंगी। ओपीडी अथवा वार्डों से आने वाले रोगियों को रोक दिया जाएगा ताकि गंभीर रोगी की जान बचाई जा सके।