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मेडिकल कॉलेज : तीन-चार और कर्मियों पर गिर सकती है गाज
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला को खून चढ़ते समय एक्सरे के लिए बिना वार्ड ब्वॉय के भेजने के मामले में तीन-चार कर्मियों पर गाज गिर सकती है। प्राथमिक जांच में पांच कर्मियों पर गाज गिर गई है, जिसमें सिस्टर इंचार्ज व स्टाफ नर्स को नोटिस थमा वेतन रोक दिया है। दो कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी है और एक कर्मी को निलंबित कर दिया है। छतरपुर निवासी राजू नायक की पत्नी शकुंतला की आंतें संक्रमण की वजह से कम काम कर रही थीं। तीन मई को तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती किया गया। जांच के बाद ऑपरेशन के लिए उसे वार्ड दो के बेड नंबर तीन पर भर्ती किया। आठ मई को खून चढ़ाया गया, तभी एक्सरे के लिए बिना वार्ड ब्वॉय या कर्मी के रेडियोलॉजी विभाग में भेज दिया। महिला के करीब नौ वर्ष के बेटे सौरभ को चढ़ रहे खून की थैली पकड़ा दी और परिजनों को स्ट्रेचर। परिजन स्ट्रेचर खींचते रहे और बेटा खून की थैली पकड़े रहा। यह दृश्य अमर उजाला ने रविवार को प्रकाशित किया, जिसे शासन ने गंभीरता से लिया। प्रमुख सचिव के निर्देश पर प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने एसआईसी डॉ. सचिन माहुर से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर वार्ड की सिस्टर इंचार्ज सोनिया कासिफ व स्टाफ नर्स (नियमित) पुष्पा को नोटिस थमा वेतन रोकने के आदेश दिए। स्टाफ नर्स (आउटसोर्स) पूजा भट्टा व चतुर्थ श्रेणी कर्मी लक्ष्मी की सेवा समाप्त कर दी। चतुर्थ श्रेणी कर्मी रोशन (नियमित) को निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच सोमवार को भी जारी रही। सूत्रों का कहना है कि तीन-चार और कर्मियों पर गाज गिरना तय है। एसआईसी डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किस-किस ने लापरवाही अथवा नजरअंदाज किया, उनको भी चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी।
झांसी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला को खून चढ़ते समय एक्सरे के लिए बिना वार्ड ब्वॉय के भेजने के मामले में तीन-चार कर्मियों पर गाज गिर सकती है। प्राथमिक जांच में पांच कर्मियों पर गाज गिर गई है, जिसमें सिस्टर इंचार्ज व स्टाफ नर्स को नोटिस थमा वेतन रोक दिया है। दो कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी है और एक कर्मी को निलंबित कर दिया है। छतरपुर निवासी राजू नायक की पत्नी शकुंतला की आंतें संक्रमण की वजह से कम काम कर रही थीं। तीन मई को तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती किया गया। जांच के बाद ऑपरेशन के लिए उसे वार्ड दो के बेड नंबर तीन पर भर्ती किया। आठ मई को खून चढ़ाया गया, तभी एक्सरे के लिए बिना वार्ड ब्वॉय या कर्मी के रेडियोलॉजी विभाग में भेज दिया। महिला के करीब नौ वर्ष के बेटे सौरभ को चढ़ रहे खून की थैली पकड़ा दी और परिजनों को स्ट्रेचर। परिजन स्ट्रेचर खींचते रहे और बेटा खून की थैली पकड़े रहा। यह दृश्य अमर उजाला ने रविवार को प्रकाशित किया, जिसे शासन ने गंभीरता से लिया। प्रमुख सचिव के निर्देश पर प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने एसआईसी डॉ. सचिन माहुर से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर वार्ड की सिस्टर इंचार्ज सोनिया कासिफ व स्टाफ नर्स (नियमित) पुष्पा को नोटिस थमा वेतन रोकने के आदेश दिए। स्टाफ नर्स (आउटसोर्स) पूजा भट्टा व चतुर्थ श्रेणी कर्मी लक्ष्मी की सेवा समाप्त कर दी। चतुर्थ श्रेणी कर्मी रोशन (नियमित) को निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच सोमवार को भी जारी रही। सूत्रों का कहना है कि तीन-चार और कर्मियों पर गाज गिरना तय है। एसआईसी डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किस-किस ने लापरवाही अथवा नजरअंदाज किया, उनको भी चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी।