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मेडिकल कॉलेज : बाथरूम में मरीज ने लगाया फंदा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। क्षय रोग की वजह से मेडिकल कॉलेज में 117 दिन से भर्ती मरीज आनंद दास ने मंगलवार दोपहर वार्ड के बाथरूम में फंदा लगा आत्महत्या कर ली। सफाईकर्मी शाम करीब चार बजे जब पहुंचा तो फंदे पर रोगी को लटका देखा तुरंत नर्सिंग स्टाफ को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और एसआईसी मौके पर पहुंचे। फंदे से शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मोंठ थानांतर्गत गांव अमरा निवासी सोनू ने बताया कि उसका भाई आनंद दास (35) साधु-संत के भेष में रहने लगा था। कुछ समय बाद उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। जब मेडिकल कॉलेज में दिखाया, तब पता चला कि उसे क्षय रोग (टीबी) का संक्रमण है। उसके दोनों फेफड़े खराब हो गए हैं। वह बिना ऑक्सीजन के सांस लेने में सक्षम नहीं था। डॉक्टरों ने चार मार्च को उसे चिंताजनक हालात में वार्ड नं. आठ में भर्ती कराया। तब से लगातार उपचार चल रहा था। करीब 15 दिन से उसकी हालत में सुधार नजर आ रहा था। वह कुछ समय के लिए ऑक्सीजन मास्क हटाकर आराम से सांस ले पा रहा था, लेकिन चार-पांच दिन से वह उल्टी-सीधी बातें कर रहा था। सोनू ने बताया कि मंगलवार की दोपहर वह आनंद को खाना खिलाकर खुद नीचे भोजन करने चला गया। जब वह वार्ड में लौटकर आया तो देखा कि शौचालय की तरफ भीड़ जुटी है। वहां पहुंचा तो देखा कि भाई फंदे पर लटका हुआ है।एसआईसी डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि मृतक आनंद दास चार मार्च से गंभीर टीबी के संक्रमण की वजह से भर्ती था। वह मानसिक रूप से भी कमजोर था, जिसका उपचार चल रहा था। सोनू के अनुसार, उसका भाई उपचार की वजह से भी परेशान था।
झांसी। क्षय रोग की वजह से मेडिकल कॉलेज में 117 दिन से भर्ती मरीज आनंद दास ने मंगलवार दोपहर वार्ड के बाथरूम में फंदा लगा आत्महत्या कर ली। सफाईकर्मी शाम करीब चार बजे जब पहुंचा तो फंदे पर रोगी को लटका देखा तुरंत नर्सिंग स्टाफ को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और एसआईसी मौके पर पहुंचे। फंदे से शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मोंठ थानांतर्गत गांव अमरा निवासी सोनू ने बताया कि उसका भाई आनंद दास (35) साधु-संत के भेष में रहने लगा था। कुछ समय बाद उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। जब मेडिकल कॉलेज में दिखाया, तब पता चला कि उसे क्षय रोग (टीबी) का संक्रमण है। उसके दोनों फेफड़े खराब हो गए हैं। वह बिना ऑक्सीजन के सांस लेने में सक्षम नहीं था। डॉक्टरों ने चार मार्च को उसे चिंताजनक हालात में वार्ड नं. आठ में भर्ती कराया। तब से लगातार उपचार चल रहा था। करीब 15 दिन से उसकी हालत में सुधार नजर आ रहा था। वह कुछ समय के लिए ऑक्सीजन मास्क हटाकर आराम से सांस ले पा रहा था, लेकिन चार-पांच दिन से वह उल्टी-सीधी बातें कर रहा था। सोनू ने बताया कि मंगलवार की दोपहर वह आनंद को खाना खिलाकर खुद नीचे भोजन करने चला गया। जब वह वार्ड में लौटकर आया तो देखा कि शौचालय की तरफ भीड़ जुटी है। वहां पहुंचा तो देखा कि भाई फंदे पर लटका हुआ है।एसआईसी डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि मृतक आनंद दास चार मार्च से गंभीर टीबी के संक्रमण की वजह से भर्ती था। वह मानसिक रूप से भी कमजोर था, जिसका उपचार चल रहा था। सोनू के अनुसार, उसका भाई उपचार की वजह से भी परेशान था।
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