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Jhansi News: तीन जोन में बंटा मेडिकल कॉलेज, ईएमओ को हटाया
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- प्राचार्य ने स्ट्रेचर के लिए एक स्थान निर्धारित करने के दिए आदेश, जगह-जगह लिखवाए जाएंगे फोन नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तमाम प्रयासों के बावजूद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर बुधवार को प्राचार्य ने डॉ. करन वर्मा को ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) पद से हटा दिया। स्ट्रेचर के लिए स्थान तय करने और जगह-जगह फोन नंबर लिखने के आदेश दिए। लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए कॉलेज को तीन जोन में बांटकर जिम्मेदारी तय कर दी है।
अमर उजाला ने बुधवार को स्ट्रेचर न मिलने की वजह से पत्नी के शव को उठाकर ले जाने की खबर प्रकाशित की थी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने सुबह 10 बजे अपने कार्यालय के सभाकक्ष में अधीनस्थों को बुलाकर बैठक की और इमरजेंसी व वार्डों की व्यवस्थाओं में सुधार पर मंथन किया। इस दौरान बताया गया कि ईएमओ डॉ. करन वर्मा की लगातार गड़बड़ी करने की शिकायतें मिल रही हैं। प्राचार्य ने तत्काल प्रभाव से उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया। दो पीजी जेआर के अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन काटने के आदेश दिए।
प्राचार्य ने कहा कि स्ट्रेचर को लेकर इमरजेंसी में आने वाले लोगों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। तय किया कि सीएमएस एक स्थान स्ट्रेचर के लिए निर्धारित करें। न सिर्फ वहां स्ट्रेचर उपलब्ध कराने वाले कर्मी की ड्यूटी लगाई जाए, बल्कि जगह-जगह फोन नंबर भी लिखवाए जाएं ताकि स्ट्रेचर न मिलने पर फोन कर सकें। साथ ही प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज परिसर को तीन जोन में बांटकर व्यवस्थाएं सुचारु रखने की जिम्मेदारी पैरा मेडिकल कर्मियों को सौंपी। यदि अव्यवस्थाओं को लेकर किसी की शिकायत आती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
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प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को तीन जोन में बांट दिया गया है। स्ट्रेचर की जगह तय करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. करन वर्मा के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं, जिसके चलते उन्हें ईएमओ पद से हटा दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तमाम प्रयासों के बावजूद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर बुधवार को प्राचार्य ने डॉ. करन वर्मा को ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) पद से हटा दिया। स्ट्रेचर के लिए स्थान तय करने और जगह-जगह फोन नंबर लिखने के आदेश दिए। लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए कॉलेज को तीन जोन में बांटकर जिम्मेदारी तय कर दी है।
अमर उजाला ने बुधवार को स्ट्रेचर न मिलने की वजह से पत्नी के शव को उठाकर ले जाने की खबर प्रकाशित की थी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने सुबह 10 बजे अपने कार्यालय के सभाकक्ष में अधीनस्थों को बुलाकर बैठक की और इमरजेंसी व वार्डों की व्यवस्थाओं में सुधार पर मंथन किया। इस दौरान बताया गया कि ईएमओ डॉ. करन वर्मा की लगातार गड़बड़ी करने की शिकायतें मिल रही हैं। प्राचार्य ने तत्काल प्रभाव से उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया। दो पीजी जेआर के अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन काटने के आदेश दिए।
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प्राचार्य ने कहा कि स्ट्रेचर को लेकर इमरजेंसी में आने वाले लोगों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। तय किया कि सीएमएस एक स्थान स्ट्रेचर के लिए निर्धारित करें। न सिर्फ वहां स्ट्रेचर उपलब्ध कराने वाले कर्मी की ड्यूटी लगाई जाए, बल्कि जगह-जगह फोन नंबर भी लिखवाए जाएं ताकि स्ट्रेचर न मिलने पर फोन कर सकें। साथ ही प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज परिसर को तीन जोन में बांटकर व्यवस्थाएं सुचारु रखने की जिम्मेदारी पैरा मेडिकल कर्मियों को सौंपी। यदि अव्यवस्थाओं को लेकर किसी की शिकायत आती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
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प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को तीन जोन में बांट दिया गया है। स्ट्रेचर की जगह तय करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. करन वर्मा के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं, जिसके चलते उन्हें ईएमओ पद से हटा दिया है।