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एमबीबीएस छात्रा की मौत की सीबीसीआईडी जांच शुरू
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झांसी। तीन साल पहले महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में संदिग्ध हालात में एमबीबीएस छात्रा की मौत की सीबीसीआईडी जांच शुरू हो गई है। कानपुर से झांसी पहुंची टीम ने विश्वविद्यालय चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी ली। तत्कालीन चिकित्सकों व स्टाफ के भी बयान दर्ज किए गए।
थाना नवाबाद क्षेत्र स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में 29 व 30 सितंबर 2016 की रात एमबीबीएस छात्रा प्रीति मिश्रा का शव संदिग्ध हालात में मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी थी। नवाबाद पुलिस ने मृतका के भाई अंकुर मिश्रा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में कोई नतीजा न निकलने पर पुलिस ने 6 अप्रैल 2017 को मामले में फाइनल रिपोर्ट भी लगा ली थी।
परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे थे। मामले में फाइनल रिपोर्ट लगने के बाद परिजनों ने नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन से शिकायत की थी। जहां मामले की पुन: जांच के आदेश दिए थे। प्रकरण की जांच अब सीबीसीआईडी को सौंपी गई है। कानपुर सीबीसीआईडी टीम के इंस्पेेक्टर सुरेंद्र सिंह यादव ने विश्वविद्यालय चौकी पहुंचकर तत्कालीन चौकी प्रभारी से घटना की जानकारी ली। इसके अलावा, टीम ने ड्यूटी पर तैनात रहे तत्कालीन चिकित्सकों व स्टाफ से पूछताछ की।
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थाना नवाबाद क्षेत्र स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में 29 व 30 सितंबर 2016 की रात एमबीबीएस छात्रा प्रीति मिश्रा का शव संदिग्ध हालात में मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी थी। नवाबाद पुलिस ने मृतका के भाई अंकुर मिश्रा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में कोई नतीजा न निकलने पर पुलिस ने 6 अप्रैल 2017 को मामले में फाइनल रिपोर्ट भी लगा ली थी।
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परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे थे। मामले में फाइनल रिपोर्ट लगने के बाद परिजनों ने नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन से शिकायत की थी। जहां मामले की पुन: जांच के आदेश दिए थे। प्रकरण की जांच अब सीबीसीआईडी को सौंपी गई है। कानपुर सीबीसीआईडी टीम के इंस्पेेक्टर सुरेंद्र सिंह यादव ने विश्वविद्यालय चौकी पहुंचकर तत्कालीन चौकी प्रभारी से घटना की जानकारी ली। इसके अलावा, टीम ने ड्यूटी पर तैनात रहे तत्कालीन चिकित्सकों व स्टाफ से पूछताछ की।
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