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मातृत्व सप्ताह में चिह्नित होंगी एचआरपी महिलाएं
ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jan 2016 01:56 AM IST
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झांसी। स्वास्थ्य विभाग और राज्य पोषण मिशन द्वारा 27 जनवरी से तीन फरवरी तक चलने वाले मातृत्व सप्ताह में हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) महिलाओं की पहचान कर प्राथमिकता से उन्हें चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। यह जानकारी सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएमओ डा. यादव ने बताया कि मातृत्व सप्ताह में गर्भवती माताओं का वजन लिया जाएगा। इसके अलावा हीमोग्लोबिन, पेशाब में एल्बुमिन व शुगर, पेट, ब्लड प्रेशर की जांच होगी और एमसीपी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, आयरन फोलिक एसिड की गोलियां एवं सेफ मदरहुड बुकलेट प्रदान की जाएगी।
जिन महिलाओं में किसी खतरे का चिह्न पाया जाएगा, उनके एमसीपी कार्ड पर लाल बिंदी एवं एमआरपी की मुहर लगाते हुए पांच फरवरी को ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों अथवा जिला महिला अस्पताल पर संदर्भित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान यदि कोई गर्भवती माता गंभीर स्थिति में पाई जाती है, तो उसे फौरन 102, 108 एंबुलेंस द्वारा आवश्यक चिकित्सा इकाइयों पर भेजा जाएगा।
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एचआरपी दिवस पर आशा के सहयोग से हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को स्तरीय चिकित्सा इकाइयों पर लाया जाएगा। जहां गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को आयरन सुप्रोज के इंजेक्शन समेत जरूरत पर रेफर भी किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक विकास खंडों को पांच-पांच क्लस्टर में बांटा गया है।
हर दिन ब्लॉक चिकित्सा प्रभारी ब्लॉक स्तर पर चिह्नित गर्भवती महिलाओं की संख्या, गर्भवती महिलाएं जिनकी जांच हुई तथा एचआरपी महिलाओं की संख्या संबंधी सूचना www.supohanup.in पर देंगे। इस दौरान एडी हेल्थ डॉ. सविता दुबे, डॉ. एके त्रिपाठी, डॉ. एमके जैन, डॉ.आरआर सिंह, डॉ. आरएस वर्मा आदि मौजूद रहे।
मातृत्व सप्ताह का उद्देश्य
-गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाना।
-गर्भवतियों के स्वास्थ्य, पोषण की जांच व सेवाएं उपलब्ध कराना
-सभी गर्भवती महिलाओं से संपर्क स्थापित कर संस्थागत प्रसव में वृद्धि लाना।
-ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवसों में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएमओ डा. यादव ने बताया कि मातृत्व सप्ताह में गर्भवती माताओं का वजन लिया जाएगा। इसके अलावा हीमोग्लोबिन, पेशाब में एल्बुमिन व शुगर, पेट, ब्लड प्रेशर की जांच होगी और एमसीपी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, आयरन फोलिक एसिड की गोलियां एवं सेफ मदरहुड बुकलेट प्रदान की जाएगी।
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जिन महिलाओं में किसी खतरे का चिह्न पाया जाएगा, उनके एमसीपी कार्ड पर लाल बिंदी एवं एमआरपी की मुहर लगाते हुए पांच फरवरी को ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों अथवा जिला महिला अस्पताल पर संदर्भित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान यदि कोई गर्भवती माता गंभीर स्थिति में पाई जाती है, तो उसे फौरन 102, 108 एंबुलेंस द्वारा आवश्यक चिकित्सा इकाइयों पर भेजा जाएगा।
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एचआरपी दिवस पर आशा के सहयोग से हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को स्तरीय चिकित्सा इकाइयों पर लाया जाएगा। जहां गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को आयरन सुप्रोज के इंजेक्शन समेत जरूरत पर रेफर भी किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक विकास खंडों को पांच-पांच क्लस्टर में बांटा गया है।
हर दिन ब्लॉक चिकित्सा प्रभारी ब्लॉक स्तर पर चिह्नित गर्भवती महिलाओं की संख्या, गर्भवती महिलाएं जिनकी जांच हुई तथा एचआरपी महिलाओं की संख्या संबंधी सूचना www.supohanup.in पर देंगे। इस दौरान एडी हेल्थ डॉ. सविता दुबे, डॉ. एके त्रिपाठी, डॉ. एमके जैन, डॉ.आरआर सिंह, डॉ. आरएस वर्मा आदि मौजूद रहे।
मातृत्व सप्ताह का उद्देश्य
-गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाना।
-गर्भवतियों के स्वास्थ्य, पोषण की जांच व सेवाएं उपलब्ध कराना
-सभी गर्भवती महिलाओं से संपर्क स्थापित कर संस्थागत प्रसव में वृद्धि लाना।
-ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवसों में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।